मोरना डिपो में अव्यवस्था के कारण चालक-परिचालक परेशान
भीषण गर्मी में मूलभूत सुविधाओं के लिए भी तरस रहे
शुद्ध पेयजल और शौचालय के लिए भी जूझना पड़ता है
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। मोरना डिपो में अव्यवस्था के कारण चालकों, परिचालकों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को मूलभूत सुविधाओं जैसे शुद्ध पेयजल और शौचालय के लिए भी जूझना पड़ता है।
ठहरने और आराम के लिए बेहतर सुविधा नहीं होने के कारण चालकों को थकान में ही अपना सफर शुरू करना पड़ता है, जिस वजह से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। डिपो में मौजूद परिचालकों और चालकों से बात करने के दौरान उन्होंने रोजमर्रा की समस्याओं के बारे में बताते हुए कहा कि प्रतीक्षालय में 8 बेड हैं लेकिन रुकने वालों की संख्या 50 से 60 होती है। अन्य लोगों को टिनशेड प्रतीक्षालय या फिर अपनी-अपनी बसों में आराम करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि 6 से 8 घंटे की ड्यूटी के बाद पूरा आराम नहीं मिलने के कारण थकान बनी रहती है। इस भीषण गर्मी में प्रतीक्षालय में केवल 3 पंखे और तीन कूलर हैं, उनमें से एक कूलर खराब है। प्रतीक्षालय के रखरखाव और सुरक्षा के लिए कोई कर्मी नियुक्त नहीं है। इस वजह से गंदगी और कचरा फैला होता है। सुरक्षाकर्मी नहीं होने के कारण कई बार मोबाइल फोन और सामान चोरी होने का खतरा बना रहता है। परिचालकों और चालकों को पेयजल व शौचालय की सुविधा के लिए शुल्क सुविधाओं का उपयोग करना पड़ता है। उनके लिए सिर्फ 2 शौचालय हैं, जिनकी प्रतिदिन सफाई नहीं होती है और उनका लॉक भी टूटा है। महिलाओं के लिए आरक्षित प्रतीक्षालय में ताला लगा हुआ है, जिस वजह से उपयोग नहीं कर पाती हैं।
लू के थपेड़ों के बीच बस का इंतजार करते हैं यात्री
यात्री टिनशेड की भी हालत खस्ता है। पर्याप्त संख्या में कुर्सियां नहीं हैं, जो हैं वो टूटी हुई हैं। टिनशेड में पर्याप्त मात्रा में पंखे नहीं हैं और चारों ओर से खुला होने के कारण यात्रियों को लू के थपेड़ों के बीच बस का इंतजार करना पड़ता है। प्रतिदिन लगभग 200 से अधिक बसें इस डिपो पर आती हैं। डिपो में वाहनों को खड़ा करने और रास्तों को चिन्हित करने के लिए मार्किंग भी नहीं है। परिचालकों और चालकों ने डिपो के अधिकारियों से इस संबंध में कार्रवाई करने और अव्यवस्थाओं को दूर करने की मांग की है।
वर्जन
चालकों व परिचालकों के ठहरने के लिए डिपो में पर्याप्त इंतजाम हैं। महिला प्रतीक्षालय भी खुला रहता है। रात के समय किसी की तैनाती न होने के कारण बंद कर दिया जाता है। -रोहिताश कुमार, एआरएम, मोरना डिपो