सपने दिखाए डीलक्स, सुविधाएं नदारद
कंक्रीट कथा -
सेक्टर-77 स्थित अंतरिक्ष कैनवाल थ्रीजी सोसाइटी के निवासी बदहाली से परेशान, बोले - हमें धोखा मिला
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सेक्टर-77 स्थित अंतरिक्ष कैनवाल थ्रीजी सोसाइटी में बुनियादी सुविधाओं के न होने से लोग परेशान हैं। यहां न तो पीने के लिए पर्याप्त पानी की व्यवस्था है और न ही बिजली की। बिल्डर द्वारा बच्चों के खेलने के लिए पार्क तक की व्यवस्था नहीं कराई गई है। निवासियों का कहना है कि फ्लैट बुक करने से पहले बिल्डर द्वारा डीलक्स सुविधाओं का आश्वासन दिया गया था, लेकिन उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए भी तरसना पड़ रहा है। सोसाइटी के अंदर स्वीमिंग पूल, क्लब समेत अन्य कोई भी सुविधा नहीं है, जबकि यह सब प्रोजेक्ट लॉन्च करते समय बिल्डर ने देने का वादा किया था। ऐसे में उन्होंने कई बार प्राधिकरण से इस बारे में शिकायत की, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। यहां तक कि बिल्डर ने सोसाइटी का निर्माण कार्य तक पूरा नहीं किया है।
बतादें कि सोसाइटी में 10 टावरों में कुल 560 फ्लैट हैं। इनमें से 500 फ्लैट्स पर लोगों को पजेशन दिया जा चुका है। निर्माण पूरा न होने की वजह से अब तक ओसी-सीसी भी नहीं मिल पाई है। ऐसे में सोसाइटी में न तो कोई एओए गठित हो पाई है और न ही लोगों की रजिस्ट्री हो पाई है। बिल्डर का प्राधिकरण पर करोड़ों रुपया बकाया भी है। प्रोजेक्ट 2010 का है, बिल्डर द्वारा 2014 तक लोगों को इसे सौंपने की बात कही थी, लेकिन नौ सालों के बाद भी लोग इसके लिए राह ताक रहे हैं। निवासियों का कहना है कि बिल्डर जवाब देने को तैयार नहीं है, सोसाइटी के खस्ताहाल हैं। बिल्डर ने टावरों को पेंट तक नहीं कराया है। 500 निवासियों के लिए पर्याप्त पानी के कनेक्शन भी नहीं लिए गए हैं, वहीं बिजली कटौती की समस्या तो अब आम हो गई है।
फायर फाइटिंग सिस्टम बस नाम का
सोसाइटी में बुनियादी सुविधाओं का टोटा तो है ही, दुर्घटना से बचने के लिए भी कोई खास इंतजाम नहीं किया गया है। फायर फाइटिंग सिस्टम तो लगाया गया है, लेकिन वह केवल नाम के लिए ही है। सिस्टम का केवल ढांचा ही लगाया गया है, वह चालू स्थिति में नहीं है। बिजली के पैनल बॉक्स खुले में हैं। बिजली के तार लटके रहते हैं। इनके लिए पैनल बॉक्स तक नहीं लगाए गए हैं। इससे किसी के भी साथ दुर्घटना हो सकती है।
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निवासियों से बातचीत
1. दो रुपये स्क्वायर फिट मेंटेनेंस देने के बाद भी बुनियादी सुविधाओं के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती है। - वीरेंद्र सिंह
2. अधिकारियों को कई बार कहा गया है, लेकिन उनकी कार्रवाई केवल कागजों तक ही सीमित होकर रह जाती है। - शिल्पा मेहता
3. न पर्याप्त बिजली न पानी, ऐसे कब तक चलेगा। लाखों रुपये खर्च कर यहां फ्लैट लिया, बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिलीं। - प्रदीप साहू
4. आखिर कब तक रजिस्ट्री के लिए इंतजार किया जाएगा। बिल्डर की गलतियों का खामियाजा निवासी क्यों भुगतें। - परमेश जोशी
5. संबंधित विभागों को ऐसे बिल्डरों के खिलाफ मोर्चा खोलना चाहिए। इन बिल्डरों को बढ़ावा मिलने पर ही यह ऐसा रवैया अपनाते हैं। - अमित गुप्ता