भूना में ट्रैक्टर पर जलभराव वाले क्षेत्र का निरीक्षण करतीं डीसी मनदीप कौर। स्रोत : प्रशासन
फतेहाबाद/भूना। भूना में वर्ष 2022 में भी ऐसी ही स्थिति हुई जैसे आज हालात है। इसको लेकर शहरवासी प्रशासन को जिम्मेदार ठहरा रहे है। प्रशासन की किरकिरी हुई तो अब जल निकासी प्रोजेक्ट को लेकर अधिकारी जागे हैं।
रंगोई नाले की जगह भिरड़ाना माइनर में पानी डालने का प्रोजेक्ट बनाया गया है। इसको लेकर बुधवार को वन विभाग से एनओसी मांगी गई है। वन विभाग ने ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत मुख्यालय को रिपोर्ट की है। मुख्यालय से अब अनुमति का इंतजार है। नए प्रोजेक्ट के तहत करीब सवा दो एकड़ क्षेत्र इसमें आएगा। पहले करीब चार एकड़ क्षेत्र आ रहा था। इसके तहत वन विभाग को इतनी ही जगह देनी पड़ती लेकिन इसको लेकर सहमति नहीं बनी और एनओसी अटकी रही और ये प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पाया।
वर्ष 2022 में हुई जलभराव स्थिति के बाद सरकार की तरफ से पानी निकासी को लेकर प्रोजेक्ट मांगा गया तो जनस्वास्थ्य विभाग ने 16 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाकर रंगोई नाले में पानी डालने की योजना बनाई थी। करीब 30 करोड़ के इस प्रोजेक्ट पर तब रोक लग गई, जब एनओसी नहीं मिली थी।
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शाम को डीसी भूना पहुंचीं
उपायुक्त मनदीप कौर बुधवार शाम को भूना पहुंचीं और जल निकासी कार्यों का मौके पर निरीक्षण किया। डीसी ने भगत सिंह पार्क, उधम सिंह चौक, खैरी रोड, हिसार रोड व भूना माइनर के पास चल रहे ड्रेनेज कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों को जल्द व गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करने के निर्देश दिए।
पानी निकासी पाइप लाइन डालने के लिए एनओसी मांगी गई है। क्षेत्र करीब सवा दो एकड़ है। इसको लेकर मुख्यालय को भेज दिया गया है। पहले चार एकड़ क्षेत्र आ रहा था और नियम अनुसार इतनी जगह देनी पड़ती है। इस वजह से एनओसी को लेकर दिक्कत आ रही थी।
- राजेश लीलड, जिला वन अधिकारी