-जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती करेंगे विमोचन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
भगवान राम की कथा को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से मध्यकाल में गोस्वामी तुलसीदास ने रामायण का संस्कृत से अवधी में अनुवाद किया और श्रीरामचरितमानस की रचना की। अब 21वीं सदी में डॉ. धीरज भटनागर ने श्रीरामचरितमानस का हिंदी काव्यानुवाद किया है, जिसका 4 अप्रैल को सीरी फोर्ट ऑडिटोरियम में जगद्गुरु शंकराचार्य ज्योतिष पीठाधीश्वर स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती विमोचन करेंगे।
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामराजेश्वराचार्य, महंत रवींद्र पुरी महाराज, स्वामी जितेन्द्रनाथ महाराज, दण्डी स्वामी जितेन्द्रनाथ सरस्वती महाराज, सूचना, प्रसारण, खेल व युवा मामले के मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर विशिष्ट अतिथि होंगे। पुस्तक का मुद्रण रेप्रो बुक्स लिमिटेड ने किया है। चित्र-विन्यास विजय वर्मा ने किया है।
डॉ. धीरज भटनागर का मानना है कि गोस्वामी ने जिस उद्देश्य से रामकथा को जन-भाषा अवधी में लिखने का निश्चय किया था, वह आज भी प्रासंगिक है, लेकिन यह सम-सामयिक आवश्यकता है कि अवधी में लिखे इस अद्भुत महाकाव्य को हिंदी काव्य-रूप में घर-घर तक पहुंचाया जाए। काव्य-अनुवाद के सुंदरकांड को सोशल मीडिया प्लेटफार्म यूट्यूब पर ऑडियो रूप में भी लांच किया जा रहा है। इसके ऑडियो प्रारूप के लिए संजय कुमार झा ने संगीत दिया है। वहीं सुरेश वाडकर, पंडित आनंद शर्मा, तुलसी कुमार, कपिल शर्मा, पद्मा वाडकर, संजीवनी भिलन्दे, देबोजीत साहा, लीना बोस इन्द्राणी भट्टाचार्जी, दुष्यंत प्रताप सिंह, सचिन शर्मा, सुगंधा दाते और संजय कुमार झा ने अपनी आवाज दी है।