हर रोज 100 लोगों को निशाना बना रहे कुत्ते
- डॉग पॉलिसी बेअसर, कागजों में नियम बनाकर भूला नोएडा प्राधिकरण
- 3491 लोगों ने मई माह में लगवाई एआरवी वैक्सीन
- 1100 पार पहुंचा जून के शुरुआती दस दिनों आंकड़ा
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। डॉग पॉलिसी लागू हुए तीन महीने से ज्यादा समय बीत गया है, लेकिन इसका कोई असर शहर में दिखाई नहीं दे रहा है। नोएडा प्राधिकरण कागजों में नियम बनाकर भूल गया है। वहीं शहर में कुत्तों के काटने के मामले बढ़ रहे हैं। हर रोज औसतन 100 लोग एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) लगवाने के लिए जिला अस्पताल में पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल के एआरवी सेंटर पहुंचने वालों की संख्या मई 3491 दर्ज की गई। जिनमें 3411 लोगों को कुत्तों ने काटा था। जून के शुरुआती दस दिनों में ही यह आंकड़ा 1100 पार कर गया है। जिला अस्पताल के आंकड़े नोएडा प्राधिकरण की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। बता दें कि, पिछले साल 12 नवंबर को नोएडा प्राधिकरण की 207वीं बोर्ड बैठक में डॉग पॉलिसी को मंजूरी मिली थी। इसके तहत पालतु कुत्तों और पशुओं की वैक्सीनेशन न कराने पर एक मार्च से हर माह दो हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया था।
31 जनवरी तक रजिस्ट्रेशन भी अनिवार्य किया गया था। साथ ही, पालतू कुत्ते और बिल्लियों के कारण अप्रिय घटना होने पर उनके मालिकों पर 10 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया था। साथ ही, लावारिस कुत्तों की नसबंदी के अलावा इनका आतंक रोकने के लिए प्रावधान किए गए थे, लेकिन डॉग पॉलिसी का कोई असर शहर में नहीं दिख रहा है। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि कोई भी नया नियम लागू करने से पहले लोगों को जागरूक किया जाना जरूरी है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि एआरवी सेंटर में वैक्सीन लगवाने वालों में कोई खास कमी दर्ज नहीं की गई है। पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन का स्टॉक उपलब्ध है।
बंदर-बिल्लियों ने भी बढ़ाई परेशानी
कुत्ते ही नहीं बल्कि बंदर और बिल्लियां भी लोगों की परेशानी का सबब बनी हुई हैं। कुत्तों के काटे जाने पर मई में 3411 लोग एआरवी सेंटर पहुंचे, जबकि 58 बंदर और 14 बिल्लियों के काटे जाने या खरोंच लगने के मामले सामने आए। इसी तरह दस जून तक 1086 लोगों ने कुत्तों के काटने पर और 29 लोगों ने बंदर व बिल्लियों के काटने पर वैक्सीन लगवाई।
खरोंच पर भी लगवा रहे वैक्सीन
एआरवी सेंटर पर तैनात कर्मियों ने बताया कि 30 से 40 फीसदी लोग रोजाना ऐसे आ रहे हैं, जिन्हें कुत्ते, बिल्ली या फिर बंदर के पंजे आदि से हल्की खरोंच लगी है। कई लोग बेवजह डरकर वैक्सीन लगवाने पहुंचते हैं। ऐसे लोगों की काउंसिलिंग की जा रही है, लेकिन इसके बाद भी लोग वैक्सीन लगाने की मांग करते हैं।
कुत्ता काटे तो बरतें सावधानी
- कुत्ते के काटने के तुरंत बाद घाव को साबुन से अच्छी तरह धोएं।
- काटने के 24 घंटे के भीतर टेटनेस का टीका लगवाएं।
- 72 घंटे के भीतर एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाएं।
- कुत्ते पर नजर रखें, रेबीज के लक्षणों को पहचानें।
दस दिन में टीकाकरण
1 जून
105
2 जून
142
3 जून
146
4 जून
अवकाश
5 जून
184
6 जून
114
7 जून
72
8 जून
98
9 जून
106
10 जून
148