कुत्ते और बंदर लगातार हिंसक होकर लोगों पर हमला कर रहे हैं। जिला अस्पताल में सोमवार को कुत्ते और बंदरों के काटने से पीड़ित 115 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। सुबह से ही एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) लगवाने के लिए अस्पताल में मरीजों की कतारें लगी रहीं।
महीने के द्वितीय शनिवार व रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में सामान्य स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अधिक संख्या में लोग पहुंचे। रक्त जांच और दवा वितरण काउंटर पर मरीजों और तीमारदारों की भीड़ लगी रही। अस्पताल प्रशासन ने अतिरिक्त स्टाफ लगाकर व्यवस्था को संभालने का प्रयास किया, फिर भी मरीजों को अपनी बारी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा।
डॉक्टरों ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण कुत्तों व बंदरों के काटने के मामले बढ़े हैं। ऐसे मामलों में समय पर उपचार और रेबीज का टीकाकरण आवश्यक है, अन्यथा गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. सूर्यप्रकाश ने लोगों से अपील की है कि कुत्ते या बंदर के काटने पर घबराएं नहीं और समय पर इलाज कराएं। अस्पताल में हर सुविधा मौजूद है। उन्होंने पालतू व निराश्रित पशुओं से भी सतर्क रहने की अपील की है।
मेरे बच्चे को कुत्ते ने काट लिया है। उसे लेकर इंजेक्शन लगवाने आया हूं। करीब एक घंटे से खड़ा हूं, लेकिन अभी तक नंबर नहीं आया है। आज सोमवार होने के कारण अस्पताल में काफी भीड़ है।
-तैसंग निवासी लहरा वाली बगीची
मुझे एक माह में दो बार कुत्ते ने काटा है। पहले अपने गांव में कुत्ते ने काटा। बाद में एक दूसरे गांव में काम से गया था तो वहां कुत्ते ने काट लिया। यहां इंजेक्शन लगवाने के लिए कतार में खड़ा हूं।
-केशव देव निवासी गांव अमरपुर घना।