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दस्तावेज जले, अब खुद को ‘साबित’ करने की जद्दोजहद

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नोएडा (मनोज कुमार)। बहलोलपुर अग्निकांड के पीड़ित 163 परिवारों के सामने अब खुद को साबित करने और पहचान बताने की समस्या खड़ी हो गई है। एक दिन पहले तक इनके पास मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक के साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस जैसे अन्य दस्तावेज मौजूद थे, जो आग में जल गए। इनकी फोटोकॉपी तक किसी पीड़ित के पास मौजूद नहीं है। ऐसे में पीड़ितों को सरकारी मदद की चिंता सता रही है।
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बिहार के मूल निवासी इन झुग्गीवासियों के पास जब तक यह दस्तावेज उपलब्ध नहीं होते, तब तक उन्हें प्रशासन से घोषित सरकारी मदद भी मुहैया नहीं कराई जा सकती। इन लोगों को बैंक खाते के नंबर तक याद नहीं हैं। ऐसे में सरकारी अधिकारियों के सामने भी समस्या खड़ी हो गई है कि आखिर वह किस खाते में सरकारी मदद दें। शासन की ओर से निर्देश हैं कि पीड़ितों को आर्थिक मदद दी जाए।
एडीएम ने बताया कि पीड़ितों से बैंक का नाम पूछकर वहां के कर्मियों को सूचनाएं दी जा रही हैं। वह पीड़ितों के खातों को खंगालने में लगे हैं। इसके अलावा जिन पीड़ितों के खाते नहीं हैं। जीरो बैलेंस पर सरकारी मदद नए खाते खुलवाए जाएंगे। इसके बाद ही उन्हें आर्थिक सहायता के चेक दिए जाएंगे। समस्या यह भी आ रही है कि जब सभी दस्तावेज जल गए तो बैंक खाता किस आधार पर खुलेगा। ऐसे में इन पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद के लिए कुछ देर हो सकती है।
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बहलोलपुर में जरूरतमंदों की मदद की
उत्तर प्रदेश कांग्रेस की सोशल मीडिया उपाध्यक्ष पंखुड़ी पाठक ने कांग्रेस सेवा दल के साथियों के साथ मिलकर बहलोलपुर अग्निकांड के पीड़ितों के लिए भोजन की व्यवस्था की। साथ ही अन्य लोगों से भी मदद की अपील की। वहीं, फोनरवा टीम ने भी पीड़ितों को फल वितरित किए। अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा ने कहा की आग से पीड़ित लोगों की सहायता की जाएगी। मौके पर महासचिव केके जैन, लीगल सचिव टीसी गौड़ आदि मौजूद रहे। इसके अलावा जनशक्ति सेवा समिति ने राशन और कपडे़ बांटे। समिति के चेयरमैन रविकांत, अध्यक्ष नरेंद्र चोपड़ा, डॉ. दीपाली दीक्षित, संजीव कौशिक, राज कुमार गर्ग मौजूद रहे।
जांच के लिए 3 सदस्यीय टीम गठित
बहलोलपुर गांव में 163 झुग्गियों में आग लगने की घटना की जांच के लिए पुलिस की 3 सदस्यीय टीम गठित की गई है। इसमें एक सब इंस्पेक्टर और 2 कांस्टेबल हैं। यह टीम घटना के बारे में सभी बिंदुओं पर जांच करेंगे और यह भी पता लगाएंगे कि इन झुग्गियों को कब और किस तरह से बसाया गया था। वहीं पुलिस पूछताछ में प्लॉट मालिक प्रेम ने बताया कि उसने अपने प्लॉट पर किराए के आधार पर झुग्गियां दे रखी थी। कोतवाली फेज-3 के प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार दीखित ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मालूम हो कि रविवार दोपहर बाद बहलोलपुर की झुग्गियों में भयानक आग लग गई थी। इसमें 163 झुग्गियां जलकर राख हो गई थी और दो मासूम बच्चियों की मौत हो गई थी। अग्निशमन विभाग भी आग लगने के कारणों की जांच कर रहा है। हालांकि अभी तक विभाग की टीम भी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। आग लगने की घटना के बाद सोमवार को भी पुलिस और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया और वहां का जायजा लिया।
खाना बनाने के दौरान उड़ी चिंगारी से लगी थी आग
इस घटना में तहसील प्रशासन ने आग लगने का कारण खाना बनाने के दौरान तेज हवा में उड़ी चिंगारी को माना है। प्रशासन की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया कि एक झुग्गी में खाना बनाने के दौरान तेज हवा का झोंका आया था, उससे चिंगारी उड़ी और झुग्गियों में आग लग गई। प्रशासन की ओर से झुग्गियों में रहने वाले 166 परिवारों को चिह्नित किया गया है। उन्हें सरकार की ओर से प्रति परिवार 7900 रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।
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