फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पिनगवां पीएचसी में शाम 6 बजे के बाद नहीं मिलते डॉक्टर

विज्ञापन
पिनगवां सीएचसी के बाहर गाड़ी में बैठी महिलाएं। - फोटो : Mewat
विज्ञापन
पिनगवां पीएचसी में शाम 6 बजे के बाद नहीं मिलते डॉक्टर
विज्ञापन

पुन्हाना/पिनगवां। पिनगवां स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर शाम 6 बजे के बाद पहुंचने वाले लोगों को इलाज मिलना मुश्किल होता है। शाम के बाद यहां न तो कोई डॉक्टर रुकता है न ही नर्स। सभी मरीजों को उनके हाल पर छोड़कर अपने कमरों या घरों में आराम फरमाने चले जाते हैं। मरीजों और तीमारदारों को रात के समय बिजली और पानी की सुविधा मिलनी भी मुश्किल हो जाती है। बुधवार शाम अस्पताल में प्रसव कराने आई महिलाओं को भी अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार बुधवार शाम तीन अलग-अलग गांवों से महिलाएं प्रसव कराने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंची थीं। 6 बजे से पहले उनकी डिलीवरी तो कर दी गई, लेकिन उनकी देखभाल के लिए अस्पताल में न तो कोई डॉक्टर रुका न ही नर्स। भारी ठंड के बीच बिजली और पानी के इंतजाम भी नहीं होने से मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। अव्यवस्थाओं से परेशान लोगों ने व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की है।
विज्ञापन

मजबूरी में ले गए घर
आरिफ निवासी रसूलपुर ने बताया कि वह अपनी भाभी की डिलीवरी कराने पहले शिकरावा अस्पताल ले गए थे। वहां अस्पताल बंद होने की वजह से पिनगवां स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लेकर आए। वहां एक नर्स मिली। आरिफ के अनुसार भाभी की डिलीवरी तो हो गई, लेकिन जच्चा और बच्चा की देखभाल के लिए रात में कोई नहीं रुका। अव्यवस्थाओं की वजह से रात में ही जच्चा और बच्चा को घर ले जाना पड़ा।
प्राइवेट वाहन में बिठाकर चलवाया ब्लोवर
गंगवानी निवासी इस्माइल ने बताया कि सात किलोमीटर दूर से पत्नी की डिलीवरी कराने आए थे। शाम 5 बजे पहुंचने पर डिलीवरी तो कर दी गई, लेकिन उसके बाद कोई सुविधा नहीं मिली। रात में बिजली नहीं होने से ठंड में परेशान रहे। पत्नी की तबीयत खराब होने लगी तो बाहर प्राइवेट वाहन में बिठाकर ब्लोवर चलवाया। रात में ही दोनों को घर लेकर जाना चाहते थे, लेकिन एंबुलेंस की सुविधा भी नहीं थी।
नर्स ने ही घर जाने को कह दिया
पिनगवां निवासी सलीम ने बताया कि परिवार में एक महिला को बुधवार शाम प्रसव पीड़ा हुई थी। अस्पताल लाए तो नर्स ने डिलीवरी करा दी। डिलीवरी कराने के बाद जच्चा और बच्चा को घर ले जाने के लिए कह दिया। यह भी कहा कि जच्चा-बच्चा को कोई परेशानी नहीं हुई तो वह जिम्मेदार नहीं होगी। सलीम के अनुसार अस्पताल में बिजली पाने के इंतजाम भी नहीं थे।
विज्ञापन

क्या कहते हैं अधिकारी
जिला सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र यादव ने बताया कि अव्यवस्थाओं के संबंध में उन्हें रात में ही सूचना मिल गई थी। फाल्ट आने की वजह से बिजली नहीं थी। डॉक्टर सहित अन्य स्टाफ को हिदायत दी गई है। उन्होंने बताया कि जल्द ही पीएचसी को नए भवन में शिफ्ट किया जाएगा।
फोटो : रात के समय बिना डॉक्टरों के परेशान डिलीवरी के बाद महिलाएं व बिना बिजली के अस्पताल में अंधेरा ठंठ से बचने के लिए कार में हीटर सेकती हुई
फोटो 1 आरिफ गांव रसूलपुर
फोटो 2 इस्माइल गंगवानी
फोटो 3 सलीम पिनगवां
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें