- दो अन्य डॉक्टरों के खिलाफ भी हो सकती है कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। लोकनायक अस्पताल में जिंदा बच्ची को डिब्बे में पैक करके देने के मामले में एक सीनियर डॉक्टर को निलंबित कर दिया गया है। दो अन्य डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। यही नहीं, दो नर्सिंग ऑफिसर को लेबर रूम से हटा दिया गया है। बता दें कि बुधवार को बच्ची ने दम तोड़ दिया।
लोकनायक अस्पताल में जिंदा बच्ची को डिब्बे में पैक करके देने का मामला सामने आया था। मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी से बृहस्पतिवार दोपहर अपनी रिपोर्ट सौंप दी। रिपोर्ट में नवजात के उपचार में डॉक्टर व स्टाफ की लापरवाही पाई गई। सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर एक वरिष्ठ डॉक्टर को निलंबित किया गया है। जबकि दो अन्य डॉक्टरों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी है। रिपोर्ट दिल्ली मेडिकल काउंसिल को भेजी गई है। रिपोर्ट में साफ तौर पर दोषियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने को कहा गया है। घटना वाले दिन लेबर रूम में तैनात दो नर्सों को लेबर रूम हटा दिया गया है। इनकी जांच के लिए मामले को दिल्ली नर्सिंग काउंसिल में भेजा गया है। यदि काउंसिल की रिपोर्ट में नर्स दोषी पाई जाती हैं तो उनका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। हालांकि लोकनायक अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि डॉक्टर व नर्स के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी उन्हें नहीं है।
यह था मामला
20 फरवरी को लोकनायक अस्पताल में एक जिंदा नवजात को मृत बताकर डॉक्टरों ने उसे डिब्बे में पैक कर परिवार को सौंप दिया था। परिवार जब नवजात को घर लेकर पहुंचे तो डिब्बा खोलने पर नवजात बच्ची हाथ हिला रही थी। बाद में परिवार बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचा और उसे नर्सरी में दाखिल करवाया। बच्ची दो दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझती रही और बुधवार को उसने दम तोड़ दिया।