डीएम को बच्चों ने बेझिझक सुनाई गिनती
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कक्षा में अचानक जिलाधिकारी मेधा रूपम को अपने बीच देखकर बच्चे पहले थोड़े सहमे, लेकिन जब उन्होंने बच्चों से बातचीत शुरू की तो माहौल सहज हो गया। किसी ने गिनती सुनाई तो किसी ने पूरे आत्मविश्वास के साथ पहाड़े पढ़े। किताब पढ़ने की बारी आई तो बच्चों ने भी बिना झिझक अपना पाठ जिलाधिकारी को सुनाया। बच्चों की यह सहजता और पढ़ाई के प्रति उत्साह देखकर जिलाधिकारी के चेहरे पर भी खुशी साफ नजर आई।
प्राथमिक स्कूल मथुरापुर में सोमवार को जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण के दौरान यह मानवीय तस्वीर देखने को मिली। उन्होंने निरीक्षण की शुरुआत कक्षा एक के बच्चों के साथ बातचीत से की। बच्चों से उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा और गिनती सुनी। इसके बाद वह एक-एक कर दूसरे कक्षा-कक्षों में पहुंचीं। बच्चों से पहाड़े सुनने और किताब पढ़ने को कहा। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह से अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।
जिलाधिकारी ने बच्चों की कॉपियां भी देखीं। स्कूल का काम और गृहकार्य नियमित रूप से पूरा मिलने पर उन्होंने प्रसन्नता जताई। बच्चों की कॉपियों में उनकी मेहनत देखकर उन्होंने शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की। इस दौरान बच्चों के चेहरों पर भी खुशी दिखाई दी। उनके लिए यह रोज की पढ़ाई से अलग ऐसा मौका था, जब जिले की सबसे बड़ी अधिकारी उनके बीच बैठकर उनकी बात सुन रही थीं। प्रधानाध्यापक गजन भाटी ने बताया कि विद्यालय में 140 विद्यार्थियों में करीब 77 प्रतिशत बच्चे उपस्थित मिले। तीनों शिक्षक भी विद्यालय में मौजूद थे। कक्षाओं की अलमारियों में सामान व्यवस्थित मिलने के साथ शौचालय, मिड-डे मील और कार्यालय में साफ-सफाई की व्यवस्था से डीएम खुश हुईं।
जिलाधिकारी ने शिक्षकों से कहा कि बच्चों की पढ़ाई को सहज और प्रभावी बनाने पर जोर दिया जाए। स्क्रीन का इस्तेमाल जरूरत के अनुसार ही हो और अधिकतम व्हाइट बोर्ड का प्रयोग किया जाए। कक्षाओं में पर्याप्त रोशनी रखने के निर्देश भी दिए, ताकि बच्चों की आंखों पर प्रतिकूल असर न पड़े। निरीक्षण के दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार भी मौजूद रहे।