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Noida News: जिला उपभोक्ता आयोग ने प्राधिकरण के खिलाफ शिकायत की खारिज

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जिला उपभोक्ता आयोग
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आर्थिक नुकसान के लिए मुआवजे की मांग करते दायर की थी याचिका
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। जिला उपभोक्ता आयोग ने आवंटी की नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ दी शिकायत खारिज कर दी। प्राधिकरण पर लापरवाही का आरोप लगा आवंटी ने आर्थिक नुकसान और मानसिक पीड़ा के लिए मुआवजे की मांग की थी। आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य अंजु शर्मा ने मामले की सुनवाई की।
दिल्ली निवासी राजेश कुमार जैन को 2004 में नोएडा रेजिडेंशियल प्लॉट स्कीम के तहत सेक्टर-108 में 162 वर्ग मीटर का प्लॉट आवंटित किया गया था। उन्होंने शुरू में भुगतान समय पर किया और बाद में 2010 में प्लॉट के असली क्षेत्रफल में वृद्धि के अनुसार अतिरिक्त राशि भी जमा कराई। इसके बावजूद प्राधिकरण ने लीज डीड (पट्टा) जारी करने में देरी की, जिसके चलते 2015 में तब के सर्किल रेट के आधार पर अतिरिक्त राशि की मांग की गई। सर्किल रेट में हुई वृद्धि के कारण प्राधिकरण ने कुल 18,18,840 की अतिरिक्त राशि जमा करने को कहा, जिसे लेकर शिकायतकर्ता ने आर्थिक एवं मानसिक कष्ट होने का दावा किया और मुआवजे सहित उक्त राशि की वापसी की मांग की।
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सुनवाई के दौरान नोएडा प्राधिकरण ने पक्ष रखते हुए कहा कि सभी भुगतान नियमों और प्रावधानों के अनुसार मांगे गए थे। शुरू में आवंटित क्षेत्रफल 162 वर्ग मीटर था, लेकिन असल माप के अनुसार क्षेत्रफल 203.40 वर्ग मीटर पाया गया। अतिरिक्त क्षेत्र के लिए नियमों के तहत उचित प्रशासनिक मंजूरी ली गई। लीड डीड की प्रक्रिया भुगतान के बाद पूरी की गई। आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पाया कि नोएडा प्राधिकरण ने लीज डीड जारी कर दी। सभी भुगतान नियमों के तहत हुए हैं। प्राधिकरण ने सर्किल रेट के आधार पर अतिरिक्त राशि वसूलना एक नीति संबंधी मामला है, जिसे उपभोक्ता न्यायाधिकरण द्वारा चुनौती देना उचित नहीं है जब तक कि कोई मनमानी या गैरकानूनी कार्रवाई न हो। साथ ही, भूमि की कुल कीमत 1.15 करोड़ से अधिक होने के कारण यह मामला आयोग के क्षेत्राधिकार से बाहर आता है। इसलिए आयोग ने शिकायत को खारिज कर दिया।
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