सीएम के सपने को साकार करने के लिए मांगी मिनी बस
नोएडा। मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए रोडवेज के अधिकारियों ने एक बार फिर शासन से मिनी बस की मांग की है। अनुबंध पर कई बार ट्रांसपोर्टरों से मांग की गई, लेकिन किसी ने भी मिनी बस देने में रुचि नहीं दिखाई है। इससे अंतोदय बस सेवा से जिले के 61 गांव वंचित हैं। हालांकि अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि इस बार शासन या अनुबंध पर बसें मिल जाएंगी।
नोएडा में कुल 208 ऐसे गांव हैं, जहां रोडवेज निगम की ओर से बस चलाए जाने की योजना है। इसमें अधिकतर गांवों को यूपी रोडवेज ने बसों के माध्यम से शहरों से जोड़ दिया है। लेकिन, नोएडा-ग्रेटर नोएडा के 61 गांव अब भी नहीं जुड़ पाए हैं। इसके लिए रोडवेज निगम की ओर से एक बार फिर शासन को पत्र लिखकर बताया गया है कि अनुबंध पर मिनी बस नहीं मिल रही हैं। मुख्यमंत्री के सपने को साकार करने के लिए मिनी बसों की खरीद की जाए और उन्हें गौतमबुद्घनगर भेजा जाए। बता दें कि 61 में से अधिकतर गांवों का रास्ता संकरा है और यहां बड़ी बस नहीं पहुंच पाती है। जबकि ग्रामीणों को योजना से जोड़ने के लिए प्रत्येक गांव तक बस सेवा शुरू करना जरूरी है। शासन ने डिपो के अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि वह ट्रांसपोर्टरों से अनुबंध पर मिनी बस लें और उनको निविदा के अनुसार धनराशि मुहैया कराएं। लेकिन ट्रांसपोर्टराें ने अनुबंध पर बस देने से इंकार कर दिया और अधिकारियों को शासन को पत्र लिखने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
घाटे का सौदा साबित होगा गांव को शहरों से जोड़ना
अधिकारियों की मानें तो जिन गांवों को मिनी बस से जोड़ना है, उनमें यात्रियों की संख्या कम है। वहीं, लोग टिकट लेने और पैसे देने से परहेज करते हैं, क्योंकि वह सरकार द्वारा चलाई जा रही बसों को निशुल्क मानकर उनमें यात्रा करते हैं। इससे ट्रांसपोर्टरों को घाटा होता है। इसके अलावा एनसीआर होने के कारण मिनी बस डीजल के बजाए सीएनजी की होनी चाहिए। ऐसी बसें ट्रांसपोर्टरों के पास नहीं हैैं, अनुबंध के लिए उन्हें नई बसें लेनी होंगी, जबकि इससे अधिक लाभ मिलेगा नहीं। इन परिस्थितियों को भांपकर ही ट्रांसपोर्टर आगे नहीं आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री की ओर से हर गांव को शहर से जोड़ने के निर्देश दिए गए थे। जिले में 61 गांवों को अब भी यूपी रोडवेज शहरों से नहीं जोड़ पाया है। इसके लिए मिनी बस की जरूरत है। शासन को पत्र लिखकर इसकी मांग की गई है।
- अनुराग यादव, एआरएम, नोएडा डिपो