देहरादून हवाई अड्डे के पास टिहरी विस्थापित क्षेत्र बागी में एक शिव मंदिर परिसर के समीप स्थित जमीन को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। एक पक्ष की शिकायत के बाद, तहसील और नगर प्रशासन के अधिकारियों सहित पुनर्वास विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मामले को सुलझाने का प्रयास किया। हालांकि, दोनों पक्ष अपनी-अपनी मांगों पर अड़े रहे, जिससे टीम को बिना किसी समाधान के वापस लौटना पड़ा।
लाखीराम अमोला, चिरंजीला अमोला, सिद्धि प्रसाद सकलानी द्वारा तहसील प्रशासन से बागी मंदिर और मंदिर की भूमि पर अतिक्रमण कर परिसर में स्थित पंचायत भवन किराए पर देने को लेकर शिकायत की गई थी। मौके पर करतार नेगी, कीर्ति नेगी, चिरंजी, कुंदर सिंह, किशोर नेगी, दीपक बैलवाल, तेजराम, सोबन सिंह, संजय नेगी आदि मौजूद रहे।
शिकायत के बाद संबंधित विभागों की टीम मौके पर पहुंची। मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र नेगी ने कहा कि टिहरी में बागी के लोगों को विस्थापन के समय पंचायती जमीन का मुआवजा नहीं मिला था, जिसके बदले टीएचडीसी ने बागी के परिवारों के लिए हवाई पट्टी के पास पांच बीघा भूमि, मंदिर और पंचायत घर का निर्माण करके दिया था।
अब टिहरी के दूसरे गांव से यहां विस्थापित हुए परिवार मंदिर, जमीन आदि को लेकर उनकी शिकायत कर रहे हैं। जबकि टीएचडीसी द्वारा मंदिर और भूमि बागी के लोगों के लिए दिया गया था।
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मंदिर विवाद को लेकर उनकी टीम मौके पर गई थी। लेकिन शुक्रवार शाम तक उन्हें इस संबंध में रिपोर्ट नहीं मिल पाई थी। रिपोर्ट मिलने पर भी इस मामले में कुछ कहा जाएगा। - एमएल शाह, अधिशासी अधिकारी, डोईवाला