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आर्यन की मौत पर सरकारी खेल!: दो विभागों में रार, कोई करंट बता रहा, कोई इनकार कर रहा, पुलिस को शिकायत का इंतजार

Mon, 13 Jul 2026 08:18 AM IST
Vijay Singh Pundir अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा

सार

वायरल सीसीटीवी फुटेज का हवाला देकर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी मौत का कारण पानी में करंट उतरना बता रहे हैं। विद्युत निगम के अधिकारियों का कहना है कि करंट उतरा नहीं था। इस तरह कार्रवाई तो दूर अब तक आर्यन की मौत का कारण तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। वहीं पुलिस शिकायत का इंतजार कर रही है।
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नोएडा आर्यन मौत मामला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नोएडा के सेक्टर-58 में बारिश के दौरान बृहस्पतिवार सुबह हुई इंजीनियर आर्यन (27) की मौत मामले में जहां नोएडा प्राधिकरण और विद्युत एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं, वहीं पुलिस शिकायत का इंतजार कर रही है। हादसे के चार दिन बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई।

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वायरल सीसीटीवी फुटेज का हवाला देकर प्राधिकरण के अधिकारी मौत का कारण पानी में करंट उतरना बता रहे हैं। विद्युत निगम के अधिकारियों का कहना है कि करंट उतरा नहीं था। निगम के इंजीनियरों का कहना है कि मौके पर अब तक कोई सुधार या छेड़छाड़ नहीं करवाई गई है। इसके बाद भी तो करंट नहीं उतरा है। इस तरह कार्रवाई तो दूर अब तक आर्यन की मौत का कारण तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।

सीसीटीवी भी हट गया
आर्यन की बारिश के बीच सड़क पर आने और फिर सड़क पर पानी भरे होने के चलते किनारे नाले पर जाकर गिरने का पूरा घटनाक्रम पास की एक औद्योगिक इकाई के सीसीटीवी में कैद हुआ था। यह फुटेज पुलिस ने कब्जे में लिया और वायरल भी हुआ लेकिन इसके बाद यह सीसीटीवी हट गया है। सीसीटीवी हटा रहे निजी कंपनी के कर्मियों का कहना था कि इसमें साफ- रिकार्डिंग नहीं होती है इसलिए प्रबंधन नया सीसीटीवी लगवाएगा।

प्राधिकरण का दावा- नाला दो फीट भी गहरा नहीं, कोई डूब नहीं सकता
नोएडा प्राधिकरण के जीएम एसपी सिंह का कहना है कि जिस नाले में आर्यन गिरे हैं। वह दो फुट से भी कम गहरा है। बारिश के पानी की निकासी के लिए इसे सड़क किनारे बनाया गया है। नाले में डूबने से मौत नहीं हुई है। सीसीटीवी फुटेज सामने आ चुका है। मौके पर मौजूद लोग कह रहे हैं कि पानी में करंट उतरा था जिससे मौत हुई।

विद्युत निगम का तर्क- करंट उतरा ही नहीं, अब तक वैसे ही है खंभा
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता तकनीकी विवेक कुमार का कहना है कि खंभे में करंट नहीं उतरा है। अब भी वैसे ही मौके पर खंभा लगा है। कोई छेड़छाड़ नहीं करवाई गई है। इसके बाद करंट उतरने जैसी कोई घटना सामने नहीं आई है। सीसीटीवी फुटेज पर उनका कहना है कि गड्ढे में गिरने वाला थोड़ा लड़खड़ाता ही है।

... और पुलिस शिकायत के इंतजार में बैठी है
एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह का कहना है कि हादसे को लेकर अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है इसलिए प्रकरण नहीं दर्ज किया गया है। आगे शिकायत मिलने पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

इन हादसों से भी नहीं ली सीख
  • 16 जनवरी की रात : सेक्टर-150 में सेक्टर के अंदर बेसमेंट की खोदाई कर छोड़ गए प्लॉट में भरे पानी में कार समेत सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की डूबने से मौत हो गई थी। यहां पर बैरिकेडिंग और सुरक्षा इंतजाम नहीं थे।
  • 8 अप्रैल 2026 : सेक्टर-94 में नोएडा हैबिटेट सेंटर निर्माण के लिए डबल बेसमेंट की खोदाई वाले स्थल को एक तरफ से खुला छोड़ा गया था। सेक्टर-125 स्थित एक निजी यूनिवर्सिटी के छात्र यहां पर पिकनिक मनाने पहुंचे। इस पानी में नहाने के दौरान छात्र हर्षित भट्ट (23) की मौत हो गई थी।

  • 2 मई 2018 : सेक्टर-85-137 गोलचक्कर पर रात में एफएम रेडियो कंपनी की ग्रुप मैनेजर तान्या खन्ना कार समेत गिरी थीं। करीब 12 फिट गहरे नाले में भरे पानी में दम घुटने से तान्या (28) की जान चली गई थी। हादसा रात करीब 2 बजे हुआ था। हादसे में नाला खुला होना, गोल चक्कर का घुमाव सही न होना समेत कई कारण पर चर्चा हुई थी।

  • 17 दिसंबर 2024 : सेक्टर-73 में शौर्य बैंक्वेट हॉल से सेक्टर-71 चौराहे की तरफ जाने वाली सड़क पर बाइक सवार युवक नाले में गिर गया। रात भर नाले में घायल पड़े रहने से युवक की मौत हो गई थी।
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  • 27 दिसंबर 2021 : सेक्टर-94 के सामने शहदरा नाले में रात करीब एक बजे कार गिरी थी। कार में मानसरोवर कॉलोनी निवासी हार्दिक (25) और उसका सेक्टर-45 आम्रपाली सोसाइटी निवासी दोस्त स्नेहिल सवार थे। पेशे से इंजीनियर हार्दिक की मौत हो गई थी। स्नेहिल गंभीर रूप से घायल हुए था।
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