सेक्टर-120 स्थित प्रतीक लॉरेल सोसाइटी में कॉमन एरिया बिजली शुल्क बदला, एओए और निवासियों में तकरार
अब यूनिट से नहीं प्रति वर्ग फीट से लिया जाएगा सीएएम का बिल
बिजली का इस्तेमाल न करने वालों को भी देना होगा मेंटेनेंस
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। शहर की विभिन्न सोसाइटियों को कुछ दिन पहले जीएसटी विभाग की ओर से करोड़ों का बिल भेजा गया था, जिसके बाद से सेक्टर-120 स्थित प्रतीक लॉरेल सोसाइटी में कॉमन एरिया बिजली शुल्क को लेकर एओए और निवासियों में विवाद बढ़ गया है। नोटिस मिलने के बाद एओए ने बिजली बिलिंग व्यवस्था में बदलाव करते हुए कॉमन एरिया बिजली का शुल्क अलग से लेना शुरू किया है।वहीं जिन लोगों का बड़ा फ्लैट है उनके वर्ग के हिसाब से ज्यादा बिल देना होगा। साथ ही कॉमन एरिया में बिजली का इस्तेमाल न करने वालों को भी मेंटेनेंस देना होगा।
इसके विरोध में निवासियों ने रविवार को चाय पर चर्चा कार्यक्रम आयोजित कर आपत्ति दर्ज कराई। दूसरी ओर एओए का कहना है कि उन्होंने जीएसटी कंसल्टेंट से मदद लेकर यह फैसला लिया है, तीन सितंबर से चालू भी हो गया है। निवासियों का कहना है कि इतने बड़े वित्तीय बदलाव से पहले उन्हें विश्वास में लिया जाना चाहिए था और जीबीएम में चर्चा होनी चाहिए थी।
एओए के अनुसार, पहले कॉमन एरिया बिजली खर्च को पूरा करने के लिए बिजली खपत शुल्क में करीब 40 पैसे प्रति यूनिट अतिरिक्त लिए जाते थे। जीएसटी विभाग से मिले नोटिस में सोसाइटी की आय को लेकर सवाल उठाए गए और जीएसटी देनदारी की बात कही गई। इसके बाद एओए ने सीए और जीएसटी विशेषज्ञों से सलाह ली। अब बिजली खपत शुल्क को सात रुपये से घटाकर 6.30 रुपये प्रति यूनिट कर दिया गया है, जबकि कॉमन एरिया बिजली के लिए 40 पैसे प्रति वर्ग फीट अलग से शुल्क लगाया गया है, लेकिन अब इन सब में ये बात सामने आई है कि जिनका का फ्लैट बड़ा है उनके वर्ग के हिसाब से ज्यादा पैसा देना होगा।
एओए के एक पदाधिकारी ने कहा कि पहले कॉमन एरिया बिजली का खर्च पूरा करने के लिए बिजली के शुल्क में 40 पैसे अतिरिक्त लिए जाते थे। जीएसटी विभाग का नोटिस मिलने के बाद मामले को लेकर विशेषज्ञों और जीएसटी लॉयर से सलाह ली गई। उनकी सलाह के आधार पर बिलिंग व्यवस्था में बदलाव किया गया है। एओए ने ये भी कहा कि पहले जब बिजली बिल पर शुल्क लिया जाता था, जिन लोगों का मीटर नहीं था उनका लगता नहीं था, अब उनको भी पैसे जमा करने होंगे। निवासियों ने एओए से नए शुल्क की गणना, कॉमन एरिया बिजली खर्च का विवरण और जीएसटी संबंधी विशेषज्ञों की सलाह का आधार सार्वजनिक करने की मांग की है।
बिजली की दर सात रुपये से घटाकर 6.30 रुपये प्रति यूनिट की गई है और 40 पैसे प्रति वर्ग फीट का शुल्क कॉमन एरिया बिजली के लिए लिया जा रहा है।
- परवेश नैनी, अध्यक्ष
हमने जो पैसे बढ़ाए हैं, वह कानूनी रूप से सही हैं। हमने इससे पहले वकील से बात की है। पिछली जीबीएम मीटिंग में इसके लेकर चर्चा की गई थी।
- अविनाश कुमार, सचिव
कॉमन एरिया बिजली का वास्तविक खर्च कितना है और इस शुल्क से सोसाइटी को हर महीने और साल में कितनी राशि मिलेगी। पूरा हिसाब सामने रखा जाए।
- मनीष जैन, निवासी
एओए ने पहले तो समय से जीएसटी नहीं भरा, अब हमसे पैसा वसूल रहे हैं। पहले बिजली पर लगता था, अब फ्लैट पर जिसका जितना बड़ा फ्लैट उतना ज्यादा मेंटेनेंस।
- उदय, निवासी