तीसरे चरण के भूमि अधिग्रहण में कुछ गांवों को भी विस्थापित किया जाना है। इसके लिए 437 हेक्टेयर भूमि में एक सेक्टर विकसित कर विस्थापित ग्रामीणों को बसाया जाएगा। इसके लिए जल्द ही अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू होगी। इसमें सबसे पहले सामाजिक प्रभाव आकलन कराया जाएगा। जिला प्रशासन अनुमति के लिए शासन को प्रस्ताव भेजेगा। सामाजिक प्रभाव का आकलन जीबीयू के प्रोफेसरों की टीम से कराया जाना है। इस आकलन के बाद भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।
पहले चरण में विस्थापितों को 50 हेक्टेयर कालोनी में बसाया गया
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा परियोजना के लिए जिला प्रशासन पहले चरण में 1334 और दूसरे चरण में 1365 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण कर चुका है। पहले चरण में 1334 हेक्टेयर के अधिग्रहण के प्रभावित परिवारों को करीब 50 हेक्टेयर (आरएंडआर कालोनी) में बसाया गया है। 1365 हेक्टेयर वाले अधिग्रहण में प्रभावित परिवाराें को 189 हेक्टेयर में बसाया जाएगा। इस जमीन का अधिग्रहण प्रक्रिया चल रही है।
तीसरे चरण के भूमि अधिग्रहण के पहले सामाजिक प्रभाव आकलन कराने के लिए शासन को जल्द ही प्रस्ताव भेजा जाएगा। शासन से अनुमति मिलने के बाद प्रक्रिया शुरू की जाएगी। -बच्चू सिंह, अपर जिलाधिकारी भू एवं अध्याप्ति