ग्रेटर नोएडा(संवाद)। पांच फ्लैट को एक नाम पर बुकिंग व्यवसायिक उद्देश्य से लाभ कमाने के लिए की गई। जो उपभोक्ता की श्रेणी में नहीं आता है। ऐसे ही एक मामले में बुकिंग के बाद फ्लैट पर कब्जा नहीं देने और न ही पैसा लौटाने के मामले में दायर वाद को जिला उपभोक्ता आयोग ने निरस्त कर किया। आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य अंजु शर्मा ने सुनवाई की।
नई दिल्ली के मयूर बिहार निवासी अजय चौपड़ा ने जैड इन्फ्राटेक कंपनी की आवासीय योजना में चार फ्लैट अपने पुत्र के निवास के लिए खरीदे थे। जिनका भुगतान 7 नवंबर 2017 को 45 लाख रुपये बिल्डर के बैंक खाते में किया। बिल्डर ने आठ माह में कब्जा देने का वायदा किया था। प्रोपट्री से जुडे बिल्डर वायर एग्रीमेंट बिल्डर के द्वारा दिया गया। लगातार बिल्डर नई-नई तारीख कब्जा देने के लिए देता रहा। कब्जा नहीं देने पर पैसा वापस करने का अनुरोध किया गया। पैसा नहीं दिया गया। जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया। आयोग में सुनवाई के दौरान बिल्डर ने अपना पक्ष नहीं रखा। एक पक्षीय सुनवाई की गई।