नोएडा। तापमान में गिरावट के साथ बच्चों की परेशानी बढ़ गई है। पिछले कुछ दिनों से चल रही सर्द हवाओं ने अस्पतालों में कोल्ड डायरिया और न्यूमोनिया से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ा दी है। अस्पतालों के बाल रोग विभाग में सांस की तकलीफ से पीड़ित बच्चों की संख्या में 50 फीसदी तक इजाफा हुआ है। विशेषज्ञों ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है। फेलिक्स अस्पताल के चेयरमैन एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके गुप्ता ने बताया कि कोल्ड डायरिया और न्यूमोनिया से पीड़ित बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इन दिनों पारा गिरने के साथ ही सुबह-शाम ठंड हो रही है, जिसका असर सेहत पर पड़ रहा है। कोल्ड डायरिया में बुखार के साथ उल्टी और दस्त की शिकायत होती है। ऐसे में बच्चे में पानी की कमी हो सकती है। पानी की कमी को पूरा करने के लिए ओआरएस घोल देते रहें। ठंडी हवा चलने से नेजल कंजेशन होता है, इससे सर्दी-जुकाम बनता है और तेजी से न्यूमोनिया में तब्दील हो सकता है। सर्दी में एयर पॉल्यूशन से भी बच्चों को एलर्जी हो रही है। मौसम में इन्फ्लुएंजा भी एक्टिव हो जाता है और बच्चों में रेस्पिरेटरी इंफेक्शन होने की संभावना बढ़ जाती है।
सेक्टर-30 स्थित चाइल्ड पीजीआई के डॉ. मेजर बीपी सिंह ने बताया कि ओपीडी में न्यूमोनिया और सांस लेने में तकलीफ से जुड़े रोजाना 100 से 150 बच्चे पहुंच रहे हैं। गंभीर अवस्था में रोजाना 20 से 25 बच्चे इमरजेंसी में आ रहे हैं, जिनको भर्ती करने की नौबत भी आ रही है। अगर बच्चे की सांस तेज चल रही हो या सांस लेने में दिक्कत हो रही हो तो यह न्यूमोनिया के लक्षण हो सकते हैं। इसलिए लक्षण दिखने पर चिकित्सक को दिखाने में देरी न करें। रात में अगर बच्चा शौच करने से गीला हो जाए तो बीमार हो सकता है। बच्चे को सूखा रखने के लिए डाइपर पहना सकते हैं।
पहले से बीमार मरीज रहें सावधान
हृदय, सांस के रोगी भी सावधानी बरतें। दवा नियमित रूप से लेते रहें। सुबह ठंड और प्रदूषण का स्मॉग अधिक रहता है। इसलिए घर में ही योग-व्यायाम करें। खानपान का ध्यान रखें। विटामिन-सी और प्रोटीन की अधिकता वाले उत्पादों को खाने में शामिल करें।
कोल्ड डायरिया के लक्षण : उल्टी होना, दस्त भी हो सकते हैं, नाक बहना, हल्का बुखार, बच्चे का चिड़चिड़ा होना।
न्यूमोनिया के लक्षण : सांस लेने में परेशानी, मितली उल्टी या दस्त, खांसी जो कफ पैदा कर सकती है, सांस लेने या खांसने पर सीने में दर्द।
यह सावधानी बरतें : पौष्टिक खाना खिलाएं, खट्टी, ठंडी चीजें न खिलाएं, सर्दी में बच्चे के कान ढककर रखें, बच्चों को सीधी हवा से बचाएं, पैरों में जूते और मोजे अवश्य पहनाएं, बच्चों को खुली गाड़ी पर सफर न कराएं, रात में बच्चों को कंबल से ढककर रखें, चेहरे को न ढकें आदि।