नोएडा। एमिटी विश्वविद्यालय में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर परिचर्चा सत्र का आयोजन किया। इस दौरान मोहन चंद्रा जोशी इंडस्ट्रीज की चेयरपर्सन कुम्मु जोशी भटनागर ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं की क्षमता को दर्शाने का बेहतरीन अवसर है। मंथन की वरिष्ठ नीति एसोसिएट सेजल जखमोला ने कहा कि गांव में पुरुषों ने प्रधान पति का पद बना लिया, जहां पर महिला सरपंच के फैसले पति लेते हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय के विवेकानंद कॉलेज की कंप्यूटर साइंस की अस्सिटेंट प्रोफेसर डॉ. सीमा नाथ ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक ऐतिहासिक कदम है जो लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाएगा। इस दौरान एमिटी विश्वविद्यालय के एडिशनल प्रो. वाइस चांसलर डॉ. संजीव बंसल, एमिटी विश्वविद्यालय के डीन एजुकेशन डॉ. एस के श्रीवास्तव ने विचार रखें। ब्यूरो