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नोएडा: खुद पर बड़े केस दर्ज करवाने के लिए वारदात करने वाले नाबालिग गिरोह का खुलासा

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एक आरोपी को पकड़ा, मकोका, 302 (हत्या) व 307 (हत्या के प्रयास) नामों से है गिरोह की इंस्टाग्राम आईडी
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इंस्टाग्राम पर लाइव कर वारदात के बारे में एक दिन पहले ही बता देता है गिरोह
नाबालिग लारेंस बिश्नाई गिरोह की नजरों में आने के लिए गोली मार देते हैं आरोपी
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18 दिन में बाद बालिग हो जाएगा पकड़ा गया आरोपी

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली।
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने लोनी से एक नाबालिग को पकड़कर ऐसे गिरोह का खुलासा किया है जिसके सदस्य खुद पर बड़े से बड़ा मुकदमा दर्ज कराने के लिए वारदात करते हैं। गिरोह के किसी सदस्य ने मकोका तो किसी ने 302 (हत्या) तो किसी ने 307 (हत्या के प्रयास) नाम से आईडी बना रखी है। खास बात ये है कि आरोपी वारदात से एक दिन पहले इंस्टाग्राम पर लाइव होकर बताते हैं कि कहां और क्या वारदात करने जा रहे हैं। पुलिस व सिस्टम को चैलेंज कर आरोपी वारदात अंजाम देते हैं। पुलिस अब गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश में दबिश दे रही है।
अपराध शाखा के विशेष पुलिस आयुक्त रविंद्र सिंह यादव ने बताया कि गिरोह के बदमाशों पर नजर रखने के लिए एसीपी अरविंद कुमार की देखरेख में इंस्पेक्टर मंगेश त्यागी, इंस्पेक्टर रोबिन त्यागी व एएसआई ललित सिरोही की विशेष टीम गठित की गई। हवलदार जोगिंदर को सूचना मिली थी कि पूर्वी दिल्ली में नाबालिगों का एक ऐसा गिरोह सक्रिय है जो बिना किसी कारण लोगों को गोली मारकर लूटपाट करता है। नाबालिग लारेंस बिश्नाई गिरोह की नजरों में आने के लिए गोली मारते हैं। इंस्पेक्टर रोबिन त्यागी को जांच में ये भी पता लगा कि आरोपी वारदात से एक दिन पहले इंस्टाग्राम पर लाइव होकर बताते हैं कि वह अगले दिन कहां और क्या वारदात करने जा रहे हैं।
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दो नाबालिग भागने में सफल हुए

इंस्पेक्टर मंगेश त्यागी की टीम ने सूचना मिलने के बाद शिव विहार में तीन नाबालिगों को घेर लिया। पुलिस ने एक नाबालिग को पकड़ लिया, जबकि दो फरार हो गए। पकड़ा गया बदमाश 5 मार्च को 18 वर्ष का हो जाएगा। गिरोह के सदस्य नाबालिग होने का फायदा उठाते थे। वारदात करने के बाद पकड़े जाते और फिर बाल सुधार गृह से कुछ महीने में छूटकर बाहर आ जाते थे। फरार दोनों नाबालिग कुछ माह पहले ही बाल सुधार गृह से बाहर आए थे।


अपराध की दुनिया में प्रसिद्ध होने के लिए मारी गोली

गिरोह के सदस्यों ने कुछ दिनों में कई वारदात अंजाम दीं। आरोपी बिना किसी कारण या फिर छोटी-छोटी बातों पर लोगों को गोली मार देते हैं। पकड़े गए नाबालिग ने साथियों के साथ अपराध की दुनिया में प्रसिद्ध होने के लिए 13 फरवरी को एक व्यक्ति को बिना वजह गोली मार दी थी। इसके बाद उसकी स्कूटी लूट ली। मामले में वेलकम थाने में दो अलग-अलग एफआईआर हुई थीं। वहीं, स्कूटी लूटने के लिए 14 फरवरी को जाफराबाद में गोली चलाई थी। 15 फरवरी को भजनपुरा इलाके में पुलिसकर्मियों पर भी गोली चला दी थी।
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पुलिस ने एक व्यक्ति की जान बचाई

आरोपी एक कबाड़ी की हत्या करने जा रहे थे। इसके लिए एक दिन पहले इंस्टाग्राम लाइव भी किया था। कबाड़ी ने पकड़े गए नाबालिग के साथी की पिटाई कर वीडियो बना ली थी। इसका बदला लेने के लिए कबाड़ी की हत्या करने जा रहे थे। अपराध शाखा की टीम ने नाबालिग को समय से पकड़कर कबाड़ी की जान बचा ली। 7वीं कक्षा तक पढ़ा पकड़ा नाबालिग एक बदमाश अर्जुन पंडित के साथ वारदात करता था। इसने अर्जुन पंडित के साथ मिलकर करावल नगर में 15 नवंबर, 21 को हिमांशु सपत की हत्या कर दी थी। पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया था। जेजे बोर्ड ने नाबालिग के खिलाफ केस खत्म कर दिया था। नाबालिग दो महीने बाद जेल से बाहर आ गया और बदमाश अतुल व अंशुल भारवा से मई-2022 में मिला। तीनों ने करावल नगर में संगम की हत्या कर दी। नाबालिग फिर पकड़ा गया और बाल सुधार गृह से दिसंबर में बाहर आ गया। नाबालिग के खिलाफ चार आपराधिक मामले दर्ज हैं।


फिल्मों से प्रभावित होकर वारदात

गिरोह के सदस्य फिल्म शूटआउट एट लोखंडवाला और मुंबई के माया भाई से प्रभावित हैं। आरोपी फिल्म में दिखाए गए दृश्यों की तरह की गोली चलाते हैं।
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