हजार से ज्यादा वाहन चुराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा
- मुठभेड़ के बाद सरगना समेत नौ बदमाश गिरफ्तार, वर्ष 2008 से कर रहे थे वारदात
- आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत होगी कार्रवाई , पुलिस टीम को 20 हजार इनाम
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। हजार से ज्यादा वाहनों की चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। कोतवाली फेज वन पुलिस ने मुठभेड़ के बाद ऑन डिमांड वाहन चोरी करने वाले गिरोह के नौ बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार सुबह फेज वन क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में कोई घायल नहीं हुआ। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गाजियाबाद निवासी फारूख उर्फ बाबा, नांगलोई दिल्ली निवासी प्रताप उर्फ पप्पू, प्रहलादपुर निवासी शेरा उर्फ गौरव बक्शी, हरिनगर निवासी जसपाल सिंह उर्फ हैप्पी, सौरव मखीजा, पीलीभीत निवासी अजयराव दिवाकर, फरीदाबाद निवासी गौरव मखीजा, अनिल कुमार और सोनीपत निवासी मंजीत उर्फ छोटू के रूप में हुई है। आरोपी वर्ष 2008 से वारदात कर रहे थे।
गिरफ्तार आरोपियों में वाहन चोरी करने वाले से लेकर गाड़ी काटने वाले भी शामिल हैं। आरोपियों के पास से तीन कारें, बाइक और भारी मात्रा में वाहनों के पुर्जे, तमंचा और कारतूस बरामद हुआ है। गिरोह के बदमाश एनसीआर से लेकर राजस्थान और उत्तराखंड तक वारदात करते थे। इनमें फारूख उर्फ बाबा के खिलाफ दिल्ली सहित अन्य राज्यों में 19 केस दर्ज हैं। जबकि मंजीत उर्फ छोटू उर्फ मोनू पर 12, प्रताप उर्फ पप्पू पर दस और अन्य पर चार से पांच-पांच मुकदमे दर्ज हैं।डीसीपी हरीश चंदर ने बताया कि बदमाशों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। बदमाशों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को 20 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा।
बुलेट से रेकी कर वाहनों की करते थे चोरी
डीसीपी हरीश चंदर ने बताया कि फारूख उर्फ बाबा और प्रताप उर्फ पप्पू मिलकर गिरोह चलाते थे। दोनों वाहन चोरी करते थे। गिरोह के सभी बदमाशों का काम बंटा हुआ था। फारूख और प्रताप वाहनों को मिस्त्री और डीलर को बेचते थे। डीलर वाहनों को कटवाकर विभिन्न पार्ट्स को अलग-अलग बेचता था। दिल्ली के मायापुरी में गाड़ियां काटी जाती थीं। इसमें डीलर जसपाल उर्फ हैप्पी, गौरव मखीजा, सौरभ मखीजा, शेरा उर्फ गौरव बक्शी, मंजीत उर्फ छोटू, अनिल कुमार , अजयराव दिवाकर की महत्वपूर्ण भूमिका होती थी। बदमाश बुलेट से रेकी करते थे। आरोपी कई बार वाहनों को टो करके ले जाते थे। आरोपी भीड़भाड़ वाले स्थान, पार्किंग से लेकर सुनसान स्थानों पर खड़े वाहनोंं की चोरी करते थे।
20 से 40 हजार में बेचते थे चोरी के वाहन
पुलिस पूछताछ में पता चला कि फारूख और प्रताप मंजीत उर्फ छोटू को 20 हजार रुपये में चोरी के वाहन बेचता था। मंजीत इसे गौरव मखीजा व सौरभ मखीजा को 40-45 हजार रुपये में बेचता था। पूछताछ में पता चला है कि मखीजा बंधुओं ने मंजीत को 13 लाख रुपये नहीं दिए हैं। गौरव व सौरभ मखीजा चोरी के वाहनों को कटवाकर पार्ट्स को जसपाल सिंह उर्फ हैप्पी को बेच देता था। हैप्पी की मायापुरी में एमएस मोटर्स के नाम से दो दुकान और गोदाम है। हैप्पी उन पार्ट्स को ग्राहकों को बेचता था।
डब्बा था ईको कार का कोड, बाइक को कहते थे दो फूल
गिरोह के बदमाश पुलिस से बचने के लिए कार, बाइक, तमंचा कारतूस आदि के लिए कोडवर्ड का इस्तेमाल करते थे। बदमाश बोलेरो पिकअप को बिल्ली, ईको कार को डिब्बा, दो पहिया वाहन को दो फूल, वाहनों के पहिए को चक्र, तमंचा को घोड़ा और कारतूस को चारा कहते थे। कुछ दिन पहले कोतवाली फेज वन क्षेत्र से एक कार चोरी हुई थी। मामले की जांच के बाद पुलिस गिरोह तक पहुंची।