मानसून पास है लेकिन सीवरों की सफाई शुरू नहीं हुई है, लोगों को जलभराव का डर सता रहा
फोनरवा ने नोएडा प्राधिकरण को लिखा पत्र
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। मानसून शुरू होने में सिर्फ एक महीना बाकी है लेकिन सेक्टर और सोसाइटियों के जाम सीवरों की सफाई अब तक शुरू नहीं हुई है। इससे सेक्टरवासी जलभराव की समस्या को लेकर चिंतित हैं।
फोनरवा महासचिव केके जैन ने इस संबंध में मुख्य कार्यपालक अधिकारी को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि हर साल बरसात में शहर के कई सेक्टर जलभराव जैसी गंभीर समस्या से जूझते हैं। करीब 150 से अधिक छोटे-बड़े नाले पूरे शहर में हैं। वहीं, मौसम विभाग के अनुसार जून के अंतिम सप्ताह से मानसून पूर्व बारिश शुरू होने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि फोनरवा ने सेक्टर-22, 23, 33, 34, 35, 40 और 51 में जलभराव की समस्याओं का उल्लेख करते हुए जून अंत तक सफाई पूरा कराने की मांग की है। वहीं सेक्टर 53, 55, 56, और अरुण विहार के सेक्टर 28, 29 और 37 के सीवर लाइनों को भी साफ कराने के लिए आरडब्ल्यूए ने मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते उनकी साफ सफाई नहीं हुई तो हर बार की तरह इस बार फिर लोगों के घरों में पानी भरेगा।
यूरेका सोसाइटी के बाहर एक महीने से सीवर ओवरफ्लो
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नोएडा। सेक्टर-150 स्थित टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी के बाहर बीते एक माह से सीवर ओवरफ्लो है। इससे सोसाइटी और आसपास के क्षेत्र में बदबू फैल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिसंबर 2025, फरवरी, मार्च और अप्रैल 2026 में आजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का कोई जवाब नहीं मिला। निवासियों ने बताया कि उफनता सीवर खुले नालों और सड़क किनारे या खाली भूखंडों में जमा हो रहा है। गंदगी से मच्छर पनप रहे हैं। ब्यूरो
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हमने नोएडा प्राधिकरण को पत्र लिखकर नाले-नालियों और सीवर लाइनों की साफ-सफाई की मांग की है। मानसून से पहले इनकी सफाई जरूरी है। -केके जैन, महासचिव, फोनरवा
हमारे सेक्टर में वर्षों से सीवर लाइनों की सफाई नहीं हुई। खोड़ा का सीवर भी हमारे सेक्टर की लाइनों में छोड़ा जाता है, जिससे परेशानी काफी बढ़ जाती है। -नीरज शर्मा, आरडब्ल्यूए महासचिव, सेक्टर 55
अरुण विहार के कई नाले-नालियां वर्षों से जाम हैं। अगर इस बार भी उनकी सफाई नहीं हुई तो हर बार की तरह इस बार भी जलभराव से जूझना पड़ेगा। -अनीता अरोड़ा, जनसंपर्क अधिकारी, अरुण विहार आरडब्ल्यूए
हमारे सेक्टर में करीब 15 हजार लोग रहते हैं। नालियां टूटी हैं, उनकी सफाई भी नहीं होती है, जिसके चलते मानसून में जलभराव की दिक्कत आ सकती है। -संजय मावी, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, सेक्टर 56