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Noida News: दिव्यांगों ने प्रमाणपत्र बनवाने के लिए अस्पताल में खाए धक्के

Thu, 16 Oct 2025 12:29 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
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किस्मत के बाद अव्यवस्थाओं से हारे। जिला नागरिक अस्पताल में बुधवार को प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए
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संवाद न्यूज एजेंसी
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पानीपत। स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के चलते दिव्यांग को प्रमाणपत्र बनवाने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल में उनके लिए किसी प्रकार की सुविधा नहीं मिली और बोर्ड में शामिल चिकित्सक भी अपने केबिन में बैठे रहे। ऐसे में उनको ओपीडी में जाकर जांच करानी पड़ी। दिव्यांग को लाने और ले जाने की भी व्यवस्था नहीं की गई। कुछ अपने पैरों और हाथों के सहारे चलकर चिकित्सकों के पास पहुंचे।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से बुधवार को साप्ताहिक दिव्यांग जांच शिविर लगाया गया। शिविर में 45-50 दिव्यांग शामिल हुए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसके लिए चिकित्सकों का बोर्ड बनाया है। नियमानुसार बोर्ड को एक जगह पर ही इनकी जांच करनी चाहिए। जबकि बुधवार को इस तरह की सुविधा नहीं की गई। ब्लॉक-दो के प्रथम तल पर फिजिशियन डॉ. जैसमीन, मनोरोग विशेषज्ञ डाॅ. मोना नागपाल और हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप ने दिव्यांगों की जांच की।
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वहीं दिव्यांगों को नेत्र और नाक, कान, गला जांच के लिए ओपीडी ब्लॉक में प्रथम और द्वितीय तल पर जाना पड़ा। जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। ऐसे में उनको परेशानी का सामना करना पड़ा। रमेश और कृष्ण ने बताया कि वे अपने परिवार के सदस्यों के साथ आए थे। उनका जिला नागरिक अस्पताल में दिव्यांग प्रमाण-पत्र बनाया जाना है। वे सुबह से चिकित्सकों को तलाश रहे हैं। अस्पताल में भी पर्याप्त सुविधा नहीं मिली और बोर्ड में शामिल चिकित्सक भी एक जगह पर नहीं मिले। उनको ओपीडी में अपनी जांच करानी पड़ी। विभाग को सप्ताह में लगने वाले शिविर में बेहतर सुविधा देनी चाहिए।
तीन महीने में 473 के बने प्रमाणपत्र
जिला नागरिक अस्पताल में हर बुधवार को दिव्यांग जांच प्रमाणपत्र शिविर लगाया जाता है। हर सप्ताह 40 से 45 दिव्यांग लोग पहुंच रहे हैं। तीन महीने में जिला नागरिक अस्पताल में 473 के नि:शुल्क दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाए गए हैं। दिव्यांग प्रमाण-पत्र के आधार पर उनकी पेंशन बनाई जाती है।
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दिव्यांगों की जांच के लिए ब्लाॅक-दो में सभी विशेषज्ञ बैठते हैं। नेत्र जांच और ईएनटी विशेषज्ञ की जांच बिना मशीनें से पूरी नहीं हो सकती है और मशीनें ओपीडी ब्लॉक में स्थापित हैं। इसलिए वहीं पर जांच की जाती है। इनको लाने ले जाने के लिए व्यवस्था की जाएगी।
- डॉ. विजय मलिक, सीएमओ
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