ग्रेटर नोएडा (संवाद)। जिला पोषण समिति की समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी भालचंद्र त्रिपाठी ने अधिकारियों को गंभीर कुपोषित बच्चों के उपचार और पोषण व्यवस्था में लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में किसी भी स्थिति में बेड खाली नहीं रहना चाहिए। गंभीर कुपोषित बच्चों को चिह्नित कर लगातार एनआरसी में संदर्भित किया जाए, ताकि उनके स्वास्थ्य में सुधार हो सके। जिला कार्यक्रम अधिकारी आशीष कुमार ने संभव 6.0 अभियान के तहत जिले की प्रगति और रैंकिंग की जानकारी दी। सीडीओ ने गंभीर कुपोषित और मध्यम कुपोषित बच्चों का शत-प्रतिशत चिन्हांकन कराने के निर्देश दिए। एनआरसी में महज 18 बच्चों के रेफरल और कम बेड ऑक्युपेंसी पर सीडीओ ने नाराजगी जताई।