सोनभद्र में महिला सशक्तीकरण के तहत कक्षा छह की छात्रा डिंपल चौहान को एक दिन के लिए बीएसए बनाया गया। डिंपल ने कार्यालय का निरीक्षण कर अधिकारियों को ईमानदारी और अनुशासन पर जोर देने की सलाह दी। इस पहल से बच्चियों में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता बढ़ी।
सोनभद्र। महिला सशक्तीकरण और बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए बृहस्पतिवार को कक्षा छह की छात्रा डिंपल चौहान को एक दिन के लिए बीएसए बनाया गया। उच्च प्राथमिक विद्यालय रॉबर्ट्सगंज की छात्रा डिंपल ने कुर्सी पर बैठने के बाद कार्यालय की कार्यप्रणाली जानी। साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों को ईमानदारी से काम करने की नसीहत दी।
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डिंपल सबसे पहले कार्यालय का निरीक्षण किया और रजिस्टरों का मिलान कर उपस्थिति की जांच की। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों को विद्यालयों में स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त रखने, समयबद्ध शिक्षण कार्य सुनिश्चित करने और अनुशासन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। डिंपल ने साफ कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार तभी संभव है, जब शिक्षक और अधिकारी ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी निभाएं। पारदर्शिता के साथ काम पर जोर दिया।
डिंपल ने कहा कि उसका सपना है कि बड़ी होकर प्रशासनिक सेवा में जाकर शिक्षा और समाज दोनों में सकारात्मक बदलाव लाएं। उसकी इस सोच और आत्मविश्वास को देखकर अधिकारी प्रभावित हुए और उन्होंने बालिका का हौसला बढ़ाया।
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बीएसए मुकुल आनंद पांडेय ने कहा कि इस तरह की पहल से बच्चियों में आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है, जो उनके जीवन में मील का पत्थर साबित होगी। संवाद