उत्तर भारत का दूसरा सबसे बड़ा केंद्र, हर साल हजारों मरीजों को होगा फायदा
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02 मशीनें बाल रोग विभाग में लगाई गईं
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज और सफदरजंग अस्पताल में मंगलवार से बच्चों के लिए हेमो डायलिसिस की सुविधा शुरू हो गई। बाल रोग विभाग की इस सुविधा का शुभारंभ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. (प्रो) बीएल शेरवाल ने किया। इसके साथ ही सफदरजंग अस्पताल उत्तर भारत में बच्चों के लिए ये सुविधा प्रदान करने वाला केंद्र सरकार का दूसरा केंद्र बन गया है।
डॉ. शेरवाल ने कहा कि बाल रोग विभाग में बच्चों के लिए दो डायलिसिस मशीनें लगाई गई हैं। इनकी मदद से हर दिन चार मरीजों की डायलिसिस की जा सकेगी। अस्पताल में हर साल हजारों की संख्या में बाल मरीज आते हैं। इनमें काफी मरीज ऐसे होते हैं जिन्हें डायलिसिस की जरूरत होती है। वहीं, विभाग के डॉक्टरों ने बताया कि बच्चों में गुर्दे की विफलता असामान्य नहीं है। एक्यूट किडनी फेल्योर के कारण बड़ी संख्या में बच्चों की मौत हो जाती है। इसमें ने काफी बच्चे ऐसे होते हैं जिन्हें उपचार करके बचाया जा सकता है। विभाग में उपचार के लिए आने वाले बच्चों में करीब 10 फीसदी बच्चे क्रॉनिक किडनी फेल्योर के होते हैं जो एक बहुत बड़ा आंकड़ा है। इसमें से अधिकांश को प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा अवधि में एचडी की आवश्यकता होती है। मौजूदा समय में मांग और उपलब्ध सेवाओं के बीच बड़ा अंतर है। इस सेवा के शुरू होने पर दिल्ली के साथ-साथ आसपास के राज्यों से आने वाले किडनी फेल्योर वाले बच्चों को फायदा होगा।
भेजा जाता था एम्स
अभी तक सुविधा न होने के कारण बच्चों को एम्स व अन्य अस्पताल में भेजा जाता था। सुविधा शुरू होने के बाद बच्चों को अस्पताल में ही सुविधा मिल सकेगी।
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स्कों की सुविधा में होगा विस्तार सफदरजंग अस्पताल में व्यस्कों को मिल रही डायलिसिस की सुविधा में जल्द ही विस्तार होगा। अभी यहां व्यस्कों के लिए 10 डायलिसिस की मशीन की सुविधा है। इन पर तीन शिफ्ट में 25 से 30 मरीजों को सुविधा मिलती है। इस बारे में अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. हिमाशु वर्मा ने बताया कि व्यस्कों को मिल रही सुविधा में विस्तार के प्रयास किए जा रहे हैं। हमारा प्रयास है कि इस साल के अंत तक यहां 24 घंटे की सेवा शुरू की जाए। इस सुविधा के साथ ही डायलिसिस करवा रहे मरीजों की संख्या लगभग दोगुनी हो जाएगी।