- कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपियों पर दर्ज की शिकायत
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। महिला कारोबारी ने यश बैंक और उसके कर्मचारियों पर कंपनी की गाड़ी को जबरन कब्जे में लेने का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।
अनीता राका का आरोप है कि उन्होंने एक वाहन को यश बैंक के माध्यम से फाइनेंस कर खरीदा था। वाहन की सभी किस्तें समय से जमा की जा रही थीं। केवल कुछ किस्तें छूटी हुई थीं। 12 नवंबर 2025 को ग्रेटर नोएडा से गुजरात के गांधीनगर के लिए सामान लेकर रवाना हुआ था। सामान खाली करने के बाद वाहन को 27 नवंबर 2025 को देवनारायण होटल गांधीनगर की पार्किंग में खड़ा किया गया था। 28 नवंबर 2025 को सुबह होटल के कर्मचारियों ने उन्हें फोन कर सूचित किया कि वाहन होटल की पार्किंग से गायब है। इसके बाद अनीता के पति शैलेंद्र राका ने मौके पर जाकर वाहन की खोजबीन की। जानकारी मिली कि यश बैंक के कर्मचारियों सुमित नारंग (जनरल मैनेजर), संदीप त्यागी (मैनेजर), हरीष रेक्सवाल और सचिन रेक्सवाल (एरिया इंचार्ज) और दीक्षित पटेल ने मिलकर वाहन को अवैध रूप से कब्जे में लिया है। बैंक कर्मचारियों ने उनके वाहन को चोरी कर अपने गुप्त स्थान पर रखा और वाहन की स्थिति या ट्रांसफर के संबंध में उन्हें कोई सूचना नहीं दी। उन्होंने तुरंत 4 दिसंबर 2025 को संबंधित संभागीय परिवहन अधिकारी के समक्ष आपत्ति दर्ज कर वाहन के ट्रांसफर को ब्लॉक कराया। वहीं कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।