नई दिल्ली। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान हरमीत सिंह कालका और महासचिव जगदीप सिंह काहलों ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी के बयानों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि वह या तो जमीनी हकीकत से अनजान हैं या जानबूझकर सच्चाई से मुंह मोड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर साहिब की 350वीं शहीदी वर्षगांठ का पहला अधिकार दिल्ली कमेटी का है, क्योंकि गुरु साहिब की शहादत और अंतिम संस्कार दिल्ली में हुआ था। अमृतसर और दिल्ली में हुई बैठकों में शिरोमणि कमेटी के प्रतिनिधियों ने पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया था, लेकिन अब राजनीतिक कारणों से धामी उस वादे से पीछे हट रहे हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि तख्त पटना साहिब कमेटी और बिहार सरकार के साथ 31 अगस्त से शुरू होने वाली शहीदी जागरूकता यात्रा में बाधा डालने के लिए 30 अगस्त को समानांतर यात्रा निकाली जा रही है, जो संकीर्ण सोच को दर्शाता है। कालका और काहलों ने कहा कि इस ऐतिहासिक अवसर पर पंथ को एकजुट होकर कार्यक्रम करने चाहिए, न कि घटिया राजनीति। ब्यूरो