-आरोपियों पर ही फ्लैट कई लोगों को बेचने
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट स्थित एक हाउसिंग प्रोजेक्ट में फ्लैट दिलाने के नाम पर 10.42 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। बिसरख कोतवाली पुलिस ने बृहस्पतिवार को जौनपुर निवासी रामाकांत की शिकायत पर रेलवे एम्पलाई वेलफेयर सोसाइटी के सीईओ समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
पीड़ित का कहना है कि वर्ष 2017 में उन्होंने अपनी बेटी विभा चौहान के नाम से ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित रेलवे एम्पलाई वेलफेयर सोसाइटी के प्रोजेक्ट में फ्लैट बुक कराया था। फ्लैट की कुल कीमत करीब 19.99 लाख रुपये तय हुई थी। उन्होंने अलग-अलग तिथियों में चेक के माध्यम से लगभग 10.42 लाख रुपये सोसाइटी के खाते में जमा कर दिए थे। बिल्डर ने फरवरी 2020 तक फ्लैट का कब्जा देने का आश्वासन दिया था। निर्माण कार्य में देरी होने पर उनका फ्लैट बदलकर ई-टावर में देने की बात कही गई। बावजूद कब्जा नहीं दिया गया और उनसे अतिरिक्त धनराशि भी ली गई। सोसाइटी के सीईओ अनीस शर्मा, वेदपाल यादव, गीता यादव और पंकज कुमार त्यागी ने गिरोह बनाकर लोगों के साथ छल और धोखाधड़ी की है। इसी दौरान आवंटियों को पता चला कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने वर्ष 2018 में अवैध निर्माण को लेकर वेदपाल यादव और गीता यादव के खिलाफ थाना बिसरख में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। यह तथ्य खरीदारों से छिपाए गए। एक ही फ्लैट कई लोगों को बेचा गया और अलग-अलग कंपनियों व फर्मों के नाम से लोगों से पैसा लिया गया। कोतवाली प्रभारी मुनेंद्र सिंह का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।