माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। 4.5 करोड़ रुपये के बैंक लोन फर्जीवाड़े और जाली दस्तावेजों के जरिए धोखाधड़ी के चर्चित मामले में आरोपी ताहिर हुसैन को अदालत से राहत नहीं मिली है। अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। मामला थाना सूरजपुर में दर्ज अपराध से संबंधित है। अभियोजन के अनुसार स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने गाजियाबाद के कौशांबी स्थित एक कार्यालय पर दबिश देकर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान एक बड़े संगठित गिरोह का खुलासा हुआ, जो फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाते और संपत्तियों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर विभिन्न बैंकों से करोड़ों रुपये के ऋण हासिल कर रहा था।
विवेचना में सामने आया कि दिल्ली स्थित मृतका रतना वासुदेव की संपत्ति के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसकी जाली रजिस्ट्री कराई गई। इसके बाद एचडीएफसी बैंक से करीब 4 करोड़ 80 लाख रुपये का होम लोन स्वीकृत कराया गया। गिरोह ने टीएसए सॉफ्टवेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और ट्रिपटेक प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियों का उपयोग करते हुए फर्जी कर्मचारी प्रोफाइल तैयार किए। इन प्रोफाइलों के आधार पर विभिन्न बैंकों से ऋण प्राप्त किए गए। कई व्यक्तियों के नाम पर फर्जी पहचान पत्र बनाकर बैंक खाते खुलवाए गए और वित्तीय संस्थानों को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया गया। बरामद दस्तावेजों में कई ऐसे पहचान पत्र शामिल थे जिन पर दूसरे नाम अंकित थे लेकिन फोटो आरोपी का लगा हुआ था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने माना कि प्रथम दृष्टया अभियुक्त की भूमिका गंभीर प्रतीत होती है। आरोपी को जमानत देने से मना कर दिया।