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Noida News: स्कूटी का एवरेज कम होने का नहीं दे सके साक्ष्य, कोर्ट ने खारिज किया वाद

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जिला उपभोक्ता आयोग
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- इलेक्टि्क स्कूटी में कमी बताकर पैसा वापस कराने के लिए दायर वाद खारिज

संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। वाहन का एवरेज कम होने मात्र से उत्पाद में कमी साबित नहीं की जा सकती। इसके लिए शिकायतकर्ता को साक्ष्य प्रस्तुत करना होगा। ऐसे ही एक मामले में एवरेज कम होने का साक्ष्य नहीं देने पर स्कूटी के पैसे वापस दिलाने के लिए दायर वाद को जिला उपभोक्ता आयोग ने खारिज कर दिया।
ग्रेनो वेस्ट के खेड़ी भनौता गांव निवासी प्रसून शर्मा ने बताया कि डीलर डीएस गहलोत देव ऑटोजोन ने उन्हें कोमाकी इलेक्ट्रिक स्कूटी खरीदने की सलाह दी थी। स्कूटी खरीदते समय बताया गया था कि यह एक बार चार्ज होने पर 130 किलोमीटर तक चलेगी। साथ ही बैटरी की वैधता तीन साल बताई गई थी। यह भी आश्वासन दिया गया था कि किसी प्रकार की खराबी आने पर दूसरी स्कूटी और बैटरी उपलब्ध कराई जाएगी।
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प्रसून शर्मा ने 80 हजार रुपये का भुगतान कर स्कूटी खरीद ली। उनके अनुसार, दो माह तक स्कूटी ठीक चली, लेकिन तीसरे माह से फुल चार्ज होने के बाद केवल 60-70 किलोमीटर ही चलने लगी। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूटी की चार्जिंग शुरू से ही ठीक नहीं थी। इसकी शिकायत कंपनी से की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पर सुनवाई के दौरान विपक्ष की ओर से कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया, जिसके चलते आयोग ने एक पक्षीय सुनवाई की। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन किया गया। आयोग ने माना कि स्कूटी खरीदी गई थी और शुरुआत में उसका एवरेज ठीक था, लेकिन बाद में कम होने लगा।
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आयोग ने कहा कि कंपनियां आदर्श परिस्थितियों के आधार पर एवरेज तय करती हैं, जबकि वास्तविक परिस्थितियों में सड़क की स्थिति, जाम और ऊबड़-खाबड़ रास्तों के कारण एवरेज प्रभावित हो सकता है। शिकायतकर्ता एवरेज कम होने संबंधी कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके। इसी आधार पर आयोग ने स्कूटी के पैसे वापस दिलाने संबंधी वाद खारिज कर दिया।

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