-सेक्टर-59 स्पार्क मिंडा कंपनी में लगी आग बुझाई गई, रविवार को पानी की बौछार से कूलिंग की गई
-अग्निश्मन विभाग ने थर्मल कैमरे व अन्य हाईटेक उपकरणों की आग बुझाने में ली मदद, नजदीकी कंपनियों से पानी लिया गया
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-59 स्थित ऑटो पार्ट्स बनाने वाली स्पार्क मिंडा कंपनी में शनिवार की शाम लगी आग पर फायर ब्रिगेड की टीमों ने 7 घंटे की मशक्कत के बाद देर रात काबू पाया। इसके बाद कूलिंग ( तापमान कम करने) के लिए पानी की बौछार करने की शुरुआत हुई जो रविवार को भी जारी रही। इसमें अंदर प्लास्टिक व अन्य ज्वलनशील सामग्री का धुंआ रह-रहकर अगले दिन भी निकलता हुआ दिखाई दिया। आग बुझने के बाद रविवार को अग्निश्मन विभाग के साथ थाना पुलिस व अन्य विभागों ने मौका मुआयना किया। सीएफओ प्रदीप कुमार चौबे ने बताया कि यह बात निकल कर सामने आई है कि आग एसी कंप्रेशर में ब्लास्ट से लगी थी।
सीएफओ के मुताबिक आग शाम 4:15 बजे लगने की सूचना मिली थी। रात 11:15 बजे काबू पा लिया गया था। इसके बाद पूरी तरह बुझाने और कूलिंग का काम शुरू करवाया गया। गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर की 40 फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को आग बुझाने में लगाया गया था। एसी कंप्रेशर ब्लास्ट होने की वजह से भूतल पर लगी आग थिनर व केमिकल के स्टोर तक पहुंची। यही वो बड़ी वजह रही कि आग तेजी से फैली और धुंआ भी एकदम से बढ़ा। फायर ब्रिगेड के जवानों ने मशक्कत के साथ आग को पहले तल पर ही रोकने की कोशिश की और लगभग कामयाबी भी मिली। रविवार को कंपनी में कामकाज बंद रहा। कंपनी प्रबंधन की तरफ से आग लगने से क्षतिग्रस्त हुए हिस्से को फिर से कैसे संवारा जाए इस पर मंथन शुरू कर दिया गया है।
थर्मल कैमरे से देखा रास्ता, उतारी सबसे ज्यादा पानी क्षमता वाली गाड़ी : केमिकल व थिनर में आग होने की वजह से काला धुंआ आसपास की कंपनियों के साथ स्पार्क मिंडा कंपनी में भी भरा हुआ था। इसलिए आग बुझाने के लिए पानी की बौछार कौन से रास्ते से जाकर की जाए स्पष्ट नहीं हो पा रहा था। सीएफओ प्रदीप कुमार चौबे ने बताया कि यह समस्या दूर करने के लिए थर्मल कैमरे का सहारा लिया गया। गौतमबुद्ध नगर अग्निश्मन विभाग ने खुद के स्तर से 22000 लीटर पानी क्षमता की दमकल गाड़ी बनवाई है। यह गाड़ी भी इस आग को बुझाने में लगाई गई। सात घंटें में इस गाड़ी में चार बार पानी भरवाकर बौछारे की गईं।