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Noida News: पीसीएस अफसर की संपत्ति हड़पने की आराेपी महिला को नहीं मिली जमानत

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पीसीएस अफसर की संपत्ति हड़पने की आराेपी महिला को नहीं मिली जमानत
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-सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका को किया खारिज
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिला न्यायालय की एक अदालत ने नोएडा में सेवानिवृत्त पीएससी अफसर की संपत्ति हड़पने की आरोपी महिला की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने अग्रिम जमानत का आधार प्रर्याप्त नहीं माना। आरोपी पक्ष ने किसी तरह की संपत्ति पर कब्जा करने से इंकार किया है। दलील दी कि आरोपी उस संपत्ति पर बैंक से लिए गए ऋण में सह-ऋणदाता हैं।

सेक्टर-24 कोतवाली में 4 सितंबर, 2026 को रंजना मालवीय ने केस दर्ज कराया था। बताया कि उसके पिता हरिशंकर मिश्रा सेवानिवृत्त पीसीएस अधिकारी थे। उनकी नोएडा और लखनऊ में कीमती संपत्ति हैं। पिता लीवर की गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। इसका लाभ उठाकर आरोपी साजिद, राकेश राय, जितेंद्र, उपासना और अन्य ने उनसे धनराशि व विभिन्न दस्तावेज ले लिए थे। 11 जुलाई, 2024 को पिता की मृत्यु हो गई। उसके बाद शिवा शिखा, उसके पति, सतवीर, भाई गुड्डू, जावेद, मनवीर और अन्य आरोपियों ने षड़यंत्र कर फर्जी विवाह के दस्तावेज तैयार किए। इनमें शिवा शिखा को पत्नी दिखाया। मृत्यु प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और अन्य सरकारी अभिलेखों में कूटरचना कर शिवा शिखा को वारिस दर्शाया गया और नोएडा की संपत्तियों को अपने नाम कराने का प्रयास किया।
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23 दिसंबर 2024 को शिवा शिखा और उसके साथियों ने उसकी मां अनीता मिश्रा को प्राधिकरण कार्यालय में धमकी दी। इस संबंध में फेज-1 में शिकायत की गई पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। 8 जून 2026 को करीब 10:30 बजे वो अपने पिता की संपत्तियों व वारिसान के संबंध में जानकारी लेने सब रजिस्ट्रार कार्यालय सेक्टर-33 गई। जहां साजिद, जितेंद्र और उपासना के इशारे पर आए अज्ञात व्यक्तियों ने गाली गलौज व मारपीट की। इसकी शिकायत सेक्टर-24 कोतवाली में की लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। उसके बाद कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने केस दर्ज किया।
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कोर्ट में आरोपी पक्ष ने दलील दी कि आरोपी उपासना का मृतक की संपत्तियों से कोई लेनादेना नहीं है। केवल एम-4 सेक्टर 66 की संपत्ति है, जिस पर बैंक से लिए ऋण में आरोपी सह-ऋणदाता थी। वहीं कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
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