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Noida News: साइबर ठगों ने त्योहारी सीजन में बिछाया सस्ते ड्राई फ्रूट और गिफ्ट वाउचर का जाल

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(नोट: खबर को ऑनलाइन नहीं चलाएं)
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(आपकी गाढ़ी कमाई पर साइबर ठगों की नजर)

-त्योहारी सीजन में फर्जी शॉपिंग विज्ञापनों से सावधान रहने की सलाह
-ब्रांड के लोगो और तस्वीरों के जरिए लोगों को जाल में फंसा रहे ठग

मोहम्मद बिलाल
ग्रेटर नोएडा। त्योहारी सीजन में ऑनलाइन खरीदारी का चलन बढ़ने के साथ साइबर ठगों ने भी लोगों को निशाना बनाने के नए तरीके अपनाने शुरू कर दिए हैं। सस्ते दाम पर ड्राई फ्रूट बेचने, शॉपिंग गिफ्ट कार्ड और गिफ्ट वाउचर देने के नाम पर लोगों को ठगने के लिए साइबर ठगों ने जाल डालना शुरू कर दिया है।
एसीपी साइबर विवेक रंजन ने बताया कि त्योहारी सीजन में साइबर ठग सक्रिय हो जाते हैं। ठग लोकप्रिय शॉपिंग ब्रांड के नाम, लोगो, उत्पादों की तस्वीर और आकर्षक सेल विज्ञापनों की नकल कर ऐसे ऑफर तैयार करते हैं, जो पहली नजर में असली लगते हैं। ग्राहक कम कीमत और भारी छूट के लालच में विज्ञापन पर क्लिक कर देते हैं। इसके बाद उन्हें असली वेबसाइट जैसी दिखने वाली फर्जी साइट पर पहुंचाकर खरीदारी के नाम पर भुगतान करा लिया जाता है। रकम ठगों के खाते में पहुंचने के बाद ग्राहक को न तो सामान मिलता है और न ही वाउचर का लाभ। साइबर सुरक्षा जागरूकता के तहत लोगों को ऐसे फर्जी विज्ञापनों से सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
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बाजार से बेहद कम कीमत पर ड्राई फ्रूट का ऑफर: त्योहारी सीजन में ड्राई फ्रूट की मांग बढ़ जाती है। इसी का फायदा उठाकर ठग तीन हजार के ड्राई फ्रूट मसलन बादाम, काजू, किशमिश और अन्य महंगे ड्राई फ्रूट के पैकेट 600 रुपये में बेचने का दावा करते हैं। सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ऐसे विज्ञापन प्रसारित किए जाते हैं। जिनमें सीमित समय के लिए विशेष छूट या त्योहार का खास ऑफर देने की बात कही जाती है। ग्राहक सस्ता सामान मिलने की उम्मीद में लिंक खोलकर ऑर्डर कर देते हैं और अग्रिम भुगतान कर बैठते हैं। इसी तरह शॉपिंग गिफ्ट कार्ड और गिफ्ट वाउचर के नाम पर भी ठगी की जा रही है। कई बार सीमित स्टॉक, कुछ ही समय में ऑफर खत्म होने और भारी छूट जैसी बातें लिखकर जल्द भुगतान करने का दबाव बनाया जाता है।
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मिलती-जुलती वेबसाइट बनाकर करते हैं भरोसा : साइबर ठग फर्जी वेबसाइट को इस तरह डिजाइन करते हैं कि वह संबंधित कंपनी से मिलती-जुलती वेबसाइट जैसी दिखाई दे। उस पर कंपनी का लोगो, उत्पादों की तस्वीरें, कीमत, रेटिंग और छूट से जुड़ी जानकारी तक दी जाती है। ऐसे में केवल वेबसाइट की बनावट देखकर उसके सही होने का अंदाजा लगाना मुश्किल हो सकता है। विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद खुलने वाले लिंक के डोमेन में मामूली बदलाव भी फर्जीवाड़े का संकेत हो सकता है।
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ऑनलाइन शॉपिंग में ऐसे बरतें सावधानी
-विज्ञापन में दिए गए लिंक पर क्लिक करने के बजाय संबंधित ब्रांड की आधिकारिक वेबसाइट या एप खोलकर ऑफर की जांच करें।
-बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर ड्राई फ्रूट, महंगे उत्पाद या गिफ्ट वाउचर देने के दावे पर तुरंत भरोसा न करें।
-खरीदारी से पहले विक्रेता की जानकारी, ग्राहकों की समीक्षा और सामान वापस करने से संबंधित नियमों की जांच करें।
-अनजान या संदिग्ध वेबसाइट पर खरीदारी के लिए अग्रिम भुगतान न करें।
- बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी और कार्ड विवरण भी साझा न करें।
-गिफ्ट वाउचर पाने के लिए अतिरिक्त भुगतान या गोपनीय जानकारी मांगने पर सतर्क हो जाएं।
-वेबसाइट के पते में मामूली बदलाव, संदिग्ध लिंक या अनजान डोमेन फर्जीवाड़े का संकेत हो सकता है।
- साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल नजदीकी थाने व 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

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