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Noida News: बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए कोर्ट ने दी संपत्ति गिरवी रखने की मंजूरी

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(अदालत से)
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- बैंकों ने अदालत की अनुमति के बिना नाबालिगों की संपत्ति गिरवी रखने से इनकार कर दिया था
-अदालत ने एक लाख रुपये के बॉन्ड की शर्त रखी

माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सत्र अदालत ने दो नाबालिग भाइयों की संपत्ति में उनके अविभाजित हिस्से को बैंक ऋण के लिए गिरवी रखने की अनुमति एक महत्वपूर्ण फैसले में प्रदान की है। यह अनुमति गार्जियन एंड वार्ड्स एक्ट और हिंदू अल्पसंख्यक एवं संरक्षकता अधिनियम एक्ट के तहत दी गई है।
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मामले के अनुसार वादी ने अपने दो नाबालिग बेटों के अभिभावक के रूप में अदालत में आवेदन दाखिल किया था। इस आवेदन में उन्होंने अपने नाबालिग बच्चों की संपत्ति में हिस्सेदारी को बैंक में गिरवी रखने की अनुमति मांगी थी, ताकि निर्माण कार्य और परिवार की भलाई के लिए ऋण लिया जा सके। मामले में उत्तर प्रदेश राज्य को कलेक्टर गौतमबुद्ध नगर के माध्यम से और बच्चों की मां कामना चौहान को विपक्षी पक्षकार बनाया गया था। कामना चौहान ने अदालत में स्पष्ट किया कि यदि यह आवेदन बच्चों के हित और कल्याण में मंजूर किया जाता है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। पिता ने अदालत को बताया कि बैंक ऋण की राशि से संपत्तियों पर आवासीय भवन का निर्माण कराया जाएगा और उससे प्राप्त किराए का उपयोग बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, चिकित्सा उपचार, भरण-पोषण, पालन-पोषण एवं कल्याण के लिए किया जाएगा। बैंकों ने अदालत की अनुमति के बिना संपत्ति गिरवी रखने से इनकार कर दिया था। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के कहा कि नाबालिग बच्चों की शिक्षा और भरण-पोषण पर पर्याप्त व्यय हो रहा है। प्रस्तावित गिरवी बच्चों के हित और कल्याण में है।
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