नोएडा में बुजुर्ग दंपती के खातों से 8.88 लाख रुपये उड़ाए, फर्जी लोन लेकर की गई ठगी
- डिजिटल पहचान से छेड़छाड़ कर तीन फाइनेंस कंपनियों से लिया कर्ज
- कुछ ही मिनटों में यूपीआई के जरिये रकम अलग-अलग खातों में भेजी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर ठगों ने सेक्टर-78 स्थित सोसाइटी में रहने वाले 67 वर्षीय बुजुर्ग के बैंक खातों से 8.88 लाख रुपये निकाल लिए। आरोप है कि ठगों ने बुजुर्ग की डिजिटल पहचान का दुरुपयोग कर उनके नाम पर अलग-अलग डिजिटल लोन एप और वित्तीय कंपनियों से कर्ज लिया। इसके बाद लोन की रकम बैंक खातों में आते ही यूपीआई के माध्यम से अलग-अलग लोगों और संस्थाओं के खातों में ट्रांसफर कर दी। इस मामले में साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
सोसाइटी में रहने वाले सेवानिवृत्त बुजुर्ग ने पुलिस से शिकायत की है कि दो नवंबर को शाम उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर लगातार बैंक ट्रांजेक्शन के संदेश आने लगे। कुछ ही मिनटों में उनके विभिन्न बैंक खातों से बड़ी रकम निकल गई। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने न तो कोई लेनदेन किया और न ही किसी को अपना पासवर्ड, नेट बैंकिंग संबंधी जानकारी या ओटीपी साझा किया था। शिकायत के मुताबिक, साइबर ठगों ने कथित तौर पर मनी व्यू, डीएमआई फाइनेंस और किसेत्सु-सैसन जैसी डिजिटल लोन कंपनियों के माध्यम से उनके नाम पर अनधिकृत तरीके से कर्ज लिया।
लोन की रकम खातों में पहुंचते ही उसे यूपीआई ट्रांजेक्शन के जरिये अलग-अलग खातों में भेज दिया गया। ठगी की रकम में कई ट्रांजेक्शन 10 हजार से लेकर करीब एक लाख रुपये तक के हैं। बुजुर्ग के केनरा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक के खातों से कुल 8,88,387 रुपये निकाले गए। एसीपी साइबर विवेक रंजन राय ने बताया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है और मामले की जांच की जा रही है।