-एएनटीएफ द्वारा गिरफ्तार चार तस्करों के पास से 3.65 किलो ओशियन ओजी गांजा मिलने का मामला
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ओजी गांजा की तस्करी मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपी अपने दोस्त के परिवार के सदस्यों की मदद से थाईलैंड से मादक पदार्थ मंगवाकर ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में उसकी सप्लाई करता था। मामले की जांच में जुटी नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस अब आरोपियों के विदेशी संपर्कों, बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की जांच कर रही है।
पुलिस पूछताछ में पटना निवासी आरोपी प्रणय पुष्प ने बताया कि वह ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा विश्वविद्यालय से बीबीए की पढ़ाई पूरी कर चुका है और निम्बस सोसाइटी में रह रहा था। पढ़ाई के दौरान अतिरिक्त खर्च पूरा करने के लिए उसने गांजा बेचने का काम शुरू किया था। इसी दौरान उसकी मुलाकात युवराज चौधरी और शशांक शाही से हुई। शशांक के परिवार के कुछ सदस्य थाईलैंड में रहते हैं और उनका वहां नियमित आना-जाना लगा रहता है। इसी नेटवर्क का इस्तेमाल कर थाईलैंड से ओजी गांजा और अन्य मादक पदार्थ भारत मंगाए जाते थे।
पुलिस के अनुसार आरोपी कभी कूरियर के माध्यम से तो कभी थाईलैंड से लौटने वाले लोगों के जरिए मादक पदार्थ मंगवाते थे। इसके बाद ग्रेटर नोएडा, नोएडा और आसपास के इलाकों में इसकी सप्लाई की जाती थी। ज्यादातर सप्लाई ऑनलाइन तरीके व्हाट्सऐप, टेलीग्राम आदि के माध्यम से ऑनलाइन तरीके से होती थी। कोतवाली सर्वेश सिंह का कहना है कि मामले में गिरफ्तारी की कार्रवाई एएनटीएफ द्वारा की गई है।
एएनटीएफ
की टीम के साथ मिलकर की थी कार्रवाई :
गौरतलब है कि एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) कानपुर यूनिट को 20 जून को सूचना मिली थी कि गोरखपुर निवासी युवराज चौधरी उर्फ नवीन और शशांक शाही अपने साथियों के साथ स्कॉर्पियो वाहन से परी चौक के पास बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की सप्लाई करने आने वाले हैं। सूचना के आधार पर घेराबंदी कर पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रणय पुष्प, युवराज चौधरी, शशांक शाही और रोहन चौधरी के रूप में हुई थी। उनके कब्जे से 3 किलो 650 ग्राम ओजी गांजा, टेट्रा हाइड्रो कैनाबिनोल (टीएचसी) आधारित मादक पदार्थ, चार लाख रुपये नकद, मोबाइल फोन, बैंक कार्ड, पहचान पत्र, एक महिंद्रा थार और एक महिंद्रा स्कॉर्पियो बरामद की गई थी।