कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने शुरू की जांच
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। दादरी तहसील क्षेत्र के सुनपुरा सोहनपुर और खेड़ी गांव में विधवा की करीब 50 बीघा जमीन फर्जी दस्तावेजों के जरिए अपने नाम कराने का मामला सामने आया है। खेड़ी गांव निवासी इंद्रेश धीरज के मुताबिक उनके पति धीरज सिंह के नाम सुनपुरा सोहनपुर और खेड़ी गांव में करीब 50 बीघा जमीन दर्ज थी। पति की 26 जनवरी 2017 को मृत्यु हो गई थी। इसके बाद राजस्व निरीक्षक की संस्तुति के बाद 15 अप्रैल 2017 के आदेश से करीब 50 बीघा जमीन के राजस्व अभिलेखों में उनका और उनके पुत्र-पुत्रियों का नाम विरासत के आधार पर दर्ज कर दिया गया था। इसके बाद कई वर्षों तक जमीन उनके नाम दर्ज रही।
पीड़िता का आरोप है कि मोहित, ओमकार और धनेश देवी पत्नी शेर सिंह ने दस्तावेजों में कूटरचना और छेड़छाड़ की। इसके बाद तत्कालीन तहसीलदार ओम प्रकाश पासवान से मिलीभगत कर 23 फरवरी 2024 को बिना उन्हें सूचना दिए और कोई नोटिस जारी किए जमीन के अभिलेखों से उनका नाम हटवा दिया गया। आरोप है कि इसके बाद झूठे शपथपत्र के आधार पर जमीन आरोपितों के नाम दर्ज करा ली गई। शिकायत करने पर पुलिस से सुनवाई नहीं की तो उन्होंने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश के बाद सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज किया है। पुलिस ने तत्कालीन तहसीलदार ओम प्रकाश पासवान, मोहित, ओमकार और धनेश देवी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।