ऑनलाइन गेमिंग के चक्कर में कंपनी से 50 लाख रुपये की साइबर ठगी
- नोएडा में कंपनी के बैंक खातों से रकम ट्रांसफर करने का आरोप, साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। ऑनलाइन गेमिंग एप पर मोटा मुनाफा कमाने का लालच एक कंपनी को भारी पड़ गया। नोएडा के सेक्टर-80 स्थित कंपनी के बैंक खातों से करीब 50 लाख रुपये गेमिंग एप में लगाए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कंपनी के खातों का काम देखने वाले कर्मचारी ने अधिक कमाई की उम्मीद में यह रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की। शिकायत में करीब 12 लाख रुपये वापस मिलने का दावा किया गया है। साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने बैंक खातों और ऑनलाइन लेनदेन की पड़ताल शुरू कर दी है।
शिकायत के मुताबिक, सेक्टर-80 स्थित कंपनी कॉरपोरेट गिफ्टिंग और हाउसकीपिंग का काम करती है। कंपनी के नाम से आईसीआईसीआई बैंक में दो खाते संचालित हैं। आरोप है कि खातों का काम देखने वाले कर्मचारी ने ऑनलाइन गेमिंग एप पर मुनाफा कमाने के लालच में कंपनी की रकम का इस्तेमाल किया। यह कथित लेनदेन एक सितंबर 2025 से एक अक्तूबर 2026 के बीच हुआ। इस अवधि में करीब 50 लाख रुपये गेमिंग एप में लगाए जाने की बात सामने आई है। शिकायत में करीब 12 लाख रुपये वापस मिलने की बात कही गई है। हालांकि, यह रकम किस माध्यम से और किन खातों में वापस आई, कुल कितनी राशि निकाली गई तथा कंपनी को वास्तविक रूप से कितना नुकसान हुआ, इसकी पुष्टि जांच के बाद होगी। एसीपी साइबर विवेक रंजन राय ने बताया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
बचाव के उपाय
- बैंक खातों से रकम ट्रांसफर करने के अधिकार सीमित रखें। बड़ी राशि के भुगतान के लिए दो अधिकृत अधिकारियों की मंजूरी अनिवार्य करें।
- बैंक खातों की नियमित जांच करें। संदिग्ध लेनदेन, अनजान लाभार्थी और असामान्य भुगतान दिखने पर तुरंत बैंक को सूचना दें।
- कर्मचारियों के बैंकिंग लॉगिन, पासवर्ड और ओटीपी साझा न करें। प्रत्येक कर्मचारी को उसकी जिम्मेदारी के अनुसार ही वित्तीय अधिकार दें।
- कंपनी के खाते से निजी गेमिंग, निवेश या किसी अनधिकृत प्लेटफॉर्म पर रकम भेजने की अनुमति न दें।
- ऑनलाइन गेमिंग ऐप पर निश्चित मुनाफे के दावे से सावधान रहें। किसी भी ऐप या व्यक्ति के कहने पर कंपनी की रकम निवेश न करें।