- कंपनी के कर्मचारियों पर बाहर से स्याही खरीदकर ग्राहकों को बेचने का आरोप
- कंट्रोल प्रिंट लिमिटेड की शिकायत पर फेज-1 थाने में प्राथमिकी दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सेक्टर-4 स्थित एक निजी प्रिंट कंपनी ने सोमवार को अपने कर्मचारियों और पूर्व कर्मचारी पर कंपनी की गोपनीय जानकारी और पद का दुरूपयोग कर कारोबार को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। कंपनी के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता मुनीश कुमार मेथोटर की शिकायत पर फेज-1 थाना पुलिस ने चार आरोपियों अमित गोथड़िया, राहुल त्रिपाठी, आकाश राजपूत और प्रमोद पॉल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक, अमित गोथड़िया और आकाश राजपूत कंपनी के कर्मचारी हैं, जबकि प्रमोद पॉल और राहुल त्रिपाठी पूर्व कर्मचारी है। कंपनी के अनुसार आरोपियों के पास बिक्री, मशीनों की सर्विस, तकनीकी सहायता और ग्राहकों से जुड़े काम की जिम्मेदारी थी। शिकायत के अनुसार, आरोपी लंबे समय से कंपनी के ग्राहकों और फैक्ट्रियों में सीधे संपर्क में थे। उन्होंने कंपनी के नाम और भरोसे का फायदा उठाकर अधिकृत चैनलों के बजाय बाहरी स्रोतों से स्याही और अन्य सामग्रियां खरीदीं और उन्हें कंपनी के असली उत्पाद बताकर ग्राहकों को बेच दिया। इस अवैध और सुनियोजित कारोबार के संचालन के लिए इंकजेट बिजनेस नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया था, जिसमें सभी आरोपी जुड़े हुए थे। कंपनी प्रबंधन को जब इस बात की भनक लगी और जांच की गई, तब इस बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ।
कंपनी का दावा है कि इस तरह उसके कारोबार को गलत दिशा में मोड़ा गया और उसे आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया। कंपनी ने बताया है कि फिलहाल उसे हुए कुल आर्थिक नुकसान का आकलन किया जा रहा है।