- ऑनलाइन मार्केटिंग के नाम पर देशभर के एक हजार से अधिक कारोबारियों को बनाया निशाना
- नोएडा में अवैध कॉल सेंटर का भंडाफोड़, सेक्टर-63 पुलिस ने सरगना समेत तीन आरोपियों को दबोचा
- 39 स्मार्टफोन, 10 लैपटॉप, 36 सीपीयू और 32 सिम कार्ड बरामद
- फर्जी सर्टिफिकेट बनाकर ग्राहकों को जाल में फंसाते थे आरोपी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। कमिश्नरेट पुलिस ने ऑनलाइन मार्केटिंग और खरीदार उपलब्ध कराने के नाम पर देशभर के व्यापारियों और उद्यमियों से ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। कोतवाली सेक्टर-63 पुलिस ने बुधवार को कार्रवाई करते हुए अवैध कॉल सेंटर संचालित करने वाले कंपनी संचालक पती-पत्नी समेत 47 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। इनमें कथित कंपनी के 44 कर्मचारियों को पुलिस ने नोटिस देकर थाने से छोड़ दिया है।
पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, लैपटॉप, कंप्यूटर सिस्टम, टैक्स इनवॉइस और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद को प्रतिष्ठित मार्केटिंग कंपनी का प्रतिनिधि बताकर कारोबारियों को झांसे में लेते थे। गिरफ्तार आरोपी दंपती की पहचान गाजियाबाद के इंदिरापुरम निवासी रणबीर सिंह, नोएडा के बरौला निवासी ललित कुमार और रणबीर सिंह की पत्नी ज्योति के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है अब आरोपी एक हजार से अधिक लोगों को ठगी का शिकार बना चुके हैं।
एडीसीपी सेंट्रल स्वतंत्र सिंह ने बताया कि इस मामले की जांच एक शिकायत के आधार पर शुरू की गई थी। जांच के दौरान पता चला कि सेक्टर-63 स्थित एक कार्यालय से संगठित तरीके से अवैध कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था। यहां से देश के अलग-अलग राज्यों के व्यापारियों और छोटे उद्योग संचालकों को फोन किए जाते थे। उन्हें ऑनलाइन मार्केटिंग, नए खरीदार उपलब्ध कराने, कारोबार बढ़ाने और विभिन्न व्यावसायिक प्रमाणपत्र दिलाने का भरोसा देकर रकम वसूली जाती थी।
बनाते थे फर्जी सर्टिफिकेट :
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी व्यापारियों को फर्जी सर्टिफिकेट और दस्तावेज उपलब्ध कराकर उन्हें विश्वास में लेते थे। रकम मिलने के बाद न तो कोई खरीदार उपलब्ध कराया जाता था और न ही वादा पूरा किया जाता था। कई पीड़ितों से लगातार अलग-अलग मदों में धनराशि ली गई। शिकायत मिलने पर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य जुटाए और सेक्टर-63 स्थित कार्यालय पर छापेमारी कर तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस का कहना है कि आरोपी गिरोह के संचालन में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। इनके कब्जे से 39 स्मार्ट मोबाइल फोन, 9 कीपैड मोबाइल, 10 लैपटॉप, 36 सीपीयू, 32 सिम कार्ड तथा टैक्स इनवॉइस और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। बरामद सामग्री की फॉरेंसिक और डिजिटल जांच कराई जाएगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बरामद मोबाइल और कंप्यूटर से देशभर के कई व्यापारियों का डाटा मिलने की संभावना है।
ऐसे बनाते थे कारोबारियों को शिकार: आरोपी देशभर के व्यापारियों और उद्यमियों का मोबाइल नंबर और व्यावसायिक विवरण जुटाते थे। इसके बाद कॉल सेंटर से संपर्क कर खुद को ऑनलाइन मार्केटिंग विशेषज्ञ बताते थे। कारोबार बढ़ाने, नए खरीदार दिलाने, सरकारी मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट जारी कराने और व्यापार को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने का झांसा दिया जाता था। विश्वास जीतने के लिए फर्जी दस्तावेज और टैक्स इनवॉइस भेजे जाते थे।