-हाईकोर्ट में समझौते के बाद निवासियों को बड़ी राहत, एओए ने कहा- सामूहिक प्रयास से मिली सफलता
-216 फ्लैट के खरीददार सालों से लड़ रहे थे लड़ाई
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सेक्टर-93बी स्थित द फॉरेस्ट स्पा सोसाइटी के निवासियों का करीब 10 वर्षों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (एओए) और ओमैक्स बिल्डहोम लिमिटेड के बीच हुए समझौते को अदालत की ओर से रिकॉर्ड किए जाने के बाद सोसाइटी में फ्लैटों की रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू हो गई है। रजिस्ट्री और सब-लीज का काम चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। लंबे समय से रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे सैकड़ों फ्लैट खरीदारों के लिए यह बड़ी राहत मानी जा रही है। इस जानकारी के बाद सोसाइटी में खुशी का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, द फॉरेस्ट स्पा अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (टीएफएसएओए) की ओर से चल रहे मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 7 मई 2026 को हुए सेटलमेंट एग्रीमेंट के आधार पर दोनों पक्षों का संयुक्त बयान रिकॉर्ड किया। शुक्रवार को सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अदालत ने समझौते को स्वीकार कर लिया। समझौते के तहत ओमैक्स बिल्डहोम लिमिटेड की ओर से प्रतिनिधि राकेश श्रीवास्तव ने एओए को 15 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट और 20 करोड़ रुपये की कुल राशि के 15 पोस्ट-डेटेड चेक सौंपे। इसके बाद वर्षों से लंबित रजिस्ट्री का रास्ता साफ हो गया। इस सोसाइटी में 216 फ्लैट हैं। बिल्डर से विवाद के बाद से रजिस्ट्री अधर में अटकी हुई थी। यह सोसाइटी सेक्टर-93 की हाईराइज सोसाइटी में से एक है, पर विवादों की वजह से इसके खरीदने के लिए लोग कतराते थे।
सोसाइटी के निवासियों ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे नई शुरुआत बताया। उनका कहना है कि एक दशक तक रजिस्ट्री न होने के कारण उन्हें बैंकिंग, संपत्ति हस्तांतरण और अन्य कानूनी कार्यों में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अब रजिस्ट्री शुरू होने से उनकी सबसे बड़ी समस्या का समाधान हो गया है और सोसाइटी में लंबे समय से चला आ रहा विवाद भी समाप्त हो गया है।
यह किसी एक व्यक्ति की जीत नहीं है, बल्कि सभी निवासियों के धैर्य, एकजुटता और वर्षों के सामूहिक संघर्ष का परिणाम है। करीब 10 साल से लोग अपने फ्लैटों की रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे थे।
-अजय गोयल, एओए अध्यक्ष
आज फैसले के बारे में सुनकर आंखों में आंसू आ गए। समझौते के बाद अब चरणबद्ध तरीके से सभी फ्लैटों की रजिस्ट्री और सब-लीज की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।
-धीरज भाटिया, सेक्रेटरी
लंबी लड़ाई चली है, बिल्डर के साथ कई बैठकें हुईं। जिसके बाद पांच साल तक कानूनी लड़ाई लड़ी। दो से तीन साल में इस काम में तेजी आई है। अब उम्मीद रजिस्ट्री शुरू हो जाएगी।
- विष्णु शंकर, निवासी