- चमरावली-रामगढ़ में किसान के खेत से मिट्टी चोरी कर रेलवे परिसर में डालने का आरोप
- 25 अगस्त को पेश होने के आदेश
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बोड़ाकी गांव निवासी की याचिका पर सुनवाई करते हुए सत्र अदालत ने जिले के पूर्व जिलाधिकारी व वर्तमान में प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा समेत चार अधिकारियों को तलब किया है। न्यायालय ने पूर्व जिलाधिकारी, पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट धर्मेंद्र सिंह, पूर्व जिला खनन अधिकारी उत्कर्ष त्रिपाठी और पूर्व जिला खनन अधिकारी निर्मल सिंह को 25 अगस्त 2026 को न्यायालय में उपस्थित होने के लिए अंतिम अवसर दिया है।
किसान बलराज भाटी के अधिवक्ता चौधरी हरिराज सिंह के मुताबिक बलराज भाटी ने अदालत में शिकायत दाखिल कर आरोप लगाया था कि चमरावली-रामगढ़ गांव स्थित उनकी जमीन से करीब 20 लाख रुपये की मिट्टी चोरी कर न्यू बोड़ाकी रेलवे जंक्शन और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन (डीएफसीसी) परिसर में डाल दी गई है। किसान का आरोप है कि इससे उनकी जमीन करीब 12 फीट गहरी हो गई और खेती योग्य नहीं बची है।
21 अगस्त 2024 को खेत पर पहुंचने पर उन्हें पता चला कि रेलवे परिसर की बाउंड्री वॉल से उनकी जमीन की ओर गेट खोलकर रैंप बनाया गया था। आरोप है कि इसी रास्ते से मिट्टी निकालकर रेलवे जंक्शन परिसर में डाली गई। इस मामले में अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। न्यायालय के आदेश पर पुलिस आयुक्त गौतमबुद्ध नगर से जांच कराई गई। पुलिस रिपोर्ट में खेत तक जाने के लिए रेलवे की ओर से गेट और रैंप बनाए जाने और वहां मिट्टी का रैंप मिलने की बात सामने आने का दावा किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने मामले को खारिज कर दिया था। इसके बाद बलराज भाटी ने जिला एवं सत्र न्यायालय में क्रिमिनल रिवीजन दाखिल की थी। सुनवाई के बाद अदालत ने पूर्व डीएम समेत चार अधिकारियों को तलब किया है।
अधिवक्ता के मुताबिक, रेलवे बोर्ड की चेयरमैन जया वर्मा और डीएफसीसी के अधिकारी अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से अदालत में उपस्थित हो चुके हैं। वहीं अन्य अधिकारियों के समन के बावजूद उपस्थित नहीं होने पर अदालत ने उनके वर्तमान तैनाती स्थलों के पते पर दोबारा समन भेजकर 25 अगस्त को अंतिम अवसर दिया है।