-इस बार की बारिश में भी बहेगा पानी, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के बिना नहीं होगा जल संयोजन
-हाईराइज सोसाइटी में खराब बड़े रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, कुछ जगह बने ही नहीं
वान्या दीक्षित
नोएडा। मानसून की आहट से एक ओर लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर हाईराइज सोसाइटियों के निवासियों की धड़कनें तेज हो गई हैं। हर साल की तरह इस साल भी सोसाइटियों के बेसमेंट में बारिश के पानी से जलभराव का खतरा मंडराने लगा है। करोड़ों के फ्लैट बेचने वाले बिल्डरों और मेंटेनेंस विभागों की लापरवाही के कारण रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम पूरी तरह ठप पड़े हैं। कहीं सिस्टम खराब, तो कहीं सिर्फ कागजों में निर्माण हुआ है।
बता दें कि कई सोसाइटियों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग पिट्स (गड्ढे) तो बने हैं, लेकिन कई साल से उनकी सफाई न होने के कारण उनमें प्लास्टिक और कचरा जमा है। ऐसे में बारिश का पानी जमीन के नीचे जाने के बजाय सड़कों पर बहता है। कुछ सोसाइटी के निवासियों का आरोप है कि पजेशन देते समय बिल्डर ने रेन वॉटर हार्वेस्टिंग का वादा किया था, लेकिन हकीकत में जमीन पर ऐसा कोई सिस्टम ही नहीं है। सोसाइटी के एओए पदाधिकारियों और निवासियों का कहना है कि हर साल मानसून में पूरी सोसाइटी टापू बन जाती है।
लाखों लीटर पानी बह जा रहा: एक तरफ जहां प्रशासन गिरते भूजल स्तर को लेकर चिंतित है और रेन वॉटर हार्वेस्टिंग बनाना अनिवार्य किया जा चुका है, लेकिन सोसाइटियों की लापरवाही इसे पूरा नहीं होने दे रही है। लाखों लीटर साफ पानी जमीन के अंदर जाने के बजाय नालों में बहकर बर्बाद हो जाता है और बाद में इन्हीं सोसाइटियों को पानी के टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ता है।
प्रशासनिक सख्ती की जरूरत : नियमों के मुताबिक, बिना कार्यरत रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के सोसाइटियों को ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) नहीं मिलना चाहिए, लेकिन नियमों को ताक पर रखकर खेल जारी है। ऐसे में नोएडा प्राधिकरण और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सिर्फ नोटिस जारी करने के बजाय ऐसी सोसाइटियों और बिल्डरों पर भारी जुर्माना लगाना चाहिए।
हमारी सोसाइटी में कुल 800 फ्लैट हैं और यहां पर 2017 से लोग रह रहे हैं, लेकिन रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम आजतक सही से नहीं चल सका।
-रीना मिश्रा, गोल्फ सिटी प्लॉट 11 सेक्टर 75
सोसाइटी के अंदर रेन वाटर हार्वेस्टिंग के नाम पर दो पिट बने हैं लेकिन वहां पर पानी स्टोर नहीं हो पाता है और यह पिट दो बार टूट भी चुके हैं।
-गणेश दत्त पांडेय, पारस सीजन्स सेक्टर 168
सोसाइटी में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बने हैं लेकिन सही काम नहीं करते हैं। ऐसे में हर साल बारिश के सीजन में बेसमेंट में जलभराव हो जाता है।
-विनोद गुप्ता, केपटाउन निवासी सेक्टर 74
सोसाइटी में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का काम पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में बारिश का पानी बेकार चला जाएगा। हर साल की तरह इस बार भी सोसाइटी के पानी का रिसाव होगा।
-केके मिश्रा, आम्रपाली जोडिएक सोसाइटी सेक्टर 120