संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। प्रदेश सरकार पशुपालन को बढ़ावा देने और पशुपालकों की आय में वृद्धि के लिए मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना 2025-26 संचालित कर रही है। आधुनिक पशुपालन अपनाकर बेहतर उत्पादन करने वाले 21 पशुपालकों को प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया जाएगा। पशुपालक को विभाग के पोर्टल पर आवेदन करना होगा। उत्तर प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, नस्ल सुधार को बढ़ावा देना और पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए योजना चलाई है। इसके तहत उन पशुपालकों का चयन किया जाता है, जिन्होंने अपने क्षेत्र में उन्नत तकनीकों का उपयोग कर पशुपालन को सफल व्यवसाय के रूप में स्थापित किया है। उनके पशु दस लीटर से अधिक दूध दे रहे है। ऐसे 21 पशुपालकों को प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया जाएगा।
योजना की प्रमुख विशेषताएं
-प्रगतिशील पशुपालकों को आर्थिक प्रोत्साहन और पुरस्कार
-दुग्ध उत्पादन, नस्ल सुधार और पशु स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान
-आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा
-जिला और राज्य स्तर पर चयन और सम्मान
पात्रता
-पशुपालक उत्तर प्रदेश का निवासी हो
-सरकारी मानकों के अनुसार पंजीकरण और सत्यापन
-योजना की शर्तों को पूरा करने वाले पशुपालकों का चयन किया जाएगा।
कैसे करें आवेदन : पशुपालक अपने नजदीकी पशुपालन विभाग कार्यालय या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ पशुओं की संख्या, उत्पादन क्षमता और अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
-इस योजना से पशुपालकों को प्रोत्साहित किया जाता है। जिससे बेहतर तकनीकी का इस्तेमाल करके उत्पादन को बढ़ाया जाता है। इस साल योजना में 21 का लक्ष्य मिला है। -अरुण कुमार सचान, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, गौतमबुद्धनगर