हाइड्रोजन बसों का अभी बना रहेगा इंतजार, वीजीएफ और रूट पर सहमति बाकी
- यूपी रोडवेज के सहयोग से तीन बसों का किया जाना पहले चरण में संचालन, बाद में बढ़ाई जाएंगी बसें
- अधिकारियों का कहना, रूट का सर्वे जल्दी किया जाएगा शुरू, कब से शुरू, तारीख नहीं पता
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना सिटी में हाइड्रोजन फ्यूल से संचालित बसों को चलाने के लिए अभी इंतजार करने पड़ेगा। पूर्व में एक जून से हाइड्रोजन बसों का संचालन यूपी रोडवेज के सहयोग से यीडा को शुरू करना था। बसों के रूट और किराया तय करते हुए वायबिलिटी गैप फंड-वीजीएफ पर लंबित सहमति अभी बनना बाकी है। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार सिंह का कहना है कि किराया और रूट यमुना प्राधिकरण को प्रस्तावित करना है। इस प्रस्ताव के आधार पर हम सर्वे करा लेंगे। अभी यह सर्वे होना बाकी है। इसके बाद ही यह तय हो सकेगा कि कहां से कहां तक बसें चलाई जाएं।
अभी यह तय है कि नोएडा एयरपोर्ट को इससे कनेक्ट रखा जाए। इसके अलावा किराये से होने वाली आय और संचालन में आने वाले खर्च के अंतर वीजीएफ का भुगतान किस तरह से होगा। इस पर एनटीपीसी और यीडा के बीच हुए एमओयू को ध्यान में रखते हुए फाइनल प्राधिकरण को करना है।
हाइड्रोजन बसों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता पूर्व में यूपी रोडवेज की तरफ से बताई गई थी। इसके बाद खुद क्षेत्रीय प्रबंधक ने एनटीपीसी जाकर बसों का निरीक्षण किया था। उनका कहना है कि एनटीपीसी के लिए इन बसों का निर्माण अशोक लीलेंड ने किया है जोकि इस क्षेत्र की अनुभवी कंपनी है। अभी संचालन शुरू होने से पहले ही सुरक्षा को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हो सकते। संचालन शुरू होने के बाद ही इस पर ध्यान दिया जा सकेगा।
15 जून से शुरू होना सिटी बसों का संचालन: नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी के बीच 110 सिटी बसों का संचालन 15 जून से शुरू किया जाना है। इसके लिए आदेश भी शासन से हो चुके हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि हाइड्रोजन बसों का संचालन भी 15 जून से शुरू हो जाएगा। सीईओ राकेश कुमार सिंह का कहना है कि यूपी रोडवेज ही हाइड्रोजन बसों को चलाएगी। इसके लिए सभी बिंदुओं पर वार्ता हो चुकी है।