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(अदालत से)
-चार कोतवालियों में दर्ज 11 मामलों में दोनों आरोपी, इसलिए अभी जेल से नहीं होगी रिहाई
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अदालत ने श्रमिक हिंसा से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में आरोपी योगेश मीणा और सृष्टि गुप्ता की जमानत मंजूर कर ली। हालांकि, दोनों के खिलाफ अलग-अलग कोतवालियों में कई अन्य मामले दर्ज हैं और उनमें अभी जमानत नहीं मिली है। ऐसे में दोनों की जेल से रिहाई फिलहाल नहीं हो सकेगी।
सेक्टर-84 औद्योगिक क्षेत्र में 13 अप्रैल को हुई श्रमिक हिंसा के मामले में फेज-2 कोतवाली में दर्ज मामले में योगेश मीणा आरोपी है। पुलिस के मुताबिक मदरसन फैक्टरी के पास 450 से 500 अज्ञात लोगों ने लाठी-डंडे, ईंट-पत्थर और घातक हथियारों से सरकारी व निजी वाहनों और फैक्टरी गेट में तोड़फोड़ व आगजनी की थी। योगेश को 30 मई को गिरफ्तार किया गया था और 20 जून से वह जेल में बंद है। बचाव पक्ष ने अदालत में कहा कि पूर्व में दर्ज एफआईआर में योगेश का नाम नहीं था और घटना के समय वह मौके पर भी मौजूद नहीं था। अभियोजन ने जमानत का विरोध करते हुए हिंसा और तोड़फोड़ में उसकी भूमिका बताई। अदालत आरोपी का आपराधिक इतिहास नहीं होने समेत अन्य तथ्यों को देखते हुए अदालत ने उसे सशर्त जमानत दे दी।
इसी तरह फेज-3 कोतवाली में दर्ज मामले में आरोपी सृष्टि गुप्ता की जमानत भी मंजूर की गई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने बताया कि श्रमिक हिंसा के दौरान सेक्टर-64, 65, 67, 68 और 69 में यातायात जाम किया गया था। फैक्ट्रियों में घुसकर मालिकों व कर्मचारियों से मारपीट की गई थी। सृष्टि को 11 अप्रैल को बाॅटानिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन से गिरफ्तार कर अगले दिन जेल भेजा गया था। वहीं अभियोजन ने उसे षड्यंत्र में शामिल होने और दुष्प्रेरण की भूमिका का आरोपी बताया। अदालत ने सुनवाई के बाद सशर्त जमानत दे दी।