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Noida News: पांच हजार पीजी, पंजीकृत एक भी नहीं... हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन

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नोएडा । सेक्टर 104 में गली गली में बने पीजी । संवाद
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-शहर में पांच हजार से ज्यादा पीजी संचालित, पंजीकरण एक भी नहीं, आग लगी तो जिम्मेदारी किसकी
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-नीचे होटल, ऊपर कई मंजिला पीजी, आपातकालीन द्वार तो दूर, एक ही द्वार वो भी सिर्फ 5 मीटर तक चौड़ा
-अधिकारियों की लापरवाही, जब होते बड़े हादसे, मौका मुआयना तक सीमित हो जाती है कार्रवाई

ऋषभ कौशल
नोएडा।दिल्ली के मालवीय नगर में हुई दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर शहरों में धड़ल्ले से चल रहे पीजी और होटल कितने सुरक्षित हैं। हैरानी की बात यह है कि नोएडा में हजारों लोगों की जिंदगी आज भी नियमों और सुरक्षा मानकों के भरोसे नहीं, बल्कि संचालकों की मनमानी पर टिकी हुई है। बहुमंजिला इमारतों में संचालित हो रहे पीजी और होटल न केवल बिना आवश्यक पंजीकरण के चल रहे हैं, बल्कि जिम्मेदार पर्यटन विभाग भी इस गंभीर लापरवाही पर आंखें मूंदे हुए हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि अगर नोएडा में भी कोई बड़ा हादसा हो जाए, तो उसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी?
दिल्ली हादसे के बाद अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया कि जिले में पांच हजार से अधिक पीजी संचालित होने के बावजूद एक भी पीजी पर्यटन विभाग में पंजीकृत नहीं है। छोटे शहरों से बेहतर भविष्य और रोजगार की तलाश में नोएडा पहुंचे हजारों परिवार और युवा रोजाना ऐसे कमरों में रहने को मजबूर हैं, जहां सुरक्षा मानकों का कोई ठोस आधार नहीं है। बावजूद इसके, अधिकारी कार्रवाई के बजाय किसी अप्रिय घटना के इंतजार में नजर आते हैं।
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सेक्टर 62 नवादा स्थित एक गर्ल्स पीजी में बृहस्पतिवार की रात करीब दो बजे अचानक शाॅर्ट सर्किट हुआ, जिसके बाद बिजली बाधित होने पर युवतियां नीचे आईं, पुलिस बुलानी पड़ी, अफरा तफरी का माहौल रहा। जब एक युवती ने उसका वीडियो बनाया तो उसे पीजी संचालक ने कमरा खाली करने की धमकी दी। युवती ने बताया कि पीजी में सिर्फ एक ही गेट है।
नीचे होटल, ऊपर पीजी में 30 लड़कियां : पड़ताल के दौरान सामने आया कि सेक्टर 62 नवादा इलाके में ऐसे कई पीजी हैं जहां नीचे होटल संचालित हो रहा है और उसके ऊपर पीजी बना है, जिसमें एक ही तल पर 10-10 कमरे बने हैं। लेकिन अग्निशमन सुरक्षा के इंतजाम एक भी नहीं है। यहां तक कि एक ही गेट है जो कि सिर्फ तीन मीटर चौड़ा है। ऐसे में यदि आग लगती है तो बाहर निकलने का रास्ता ही नहीं मिलेगा।

एक बार गई अग्निशमन की गाड़ी तो मुड़ना मुश्किल : सेक्टर-104 हाजीपुर इलाके में गली नंबर पांच पहले से ही सकरी है। उसी गली से होते हुए करीब 10 बहुमंजिला अपार्टमेंट बने हुए हैं। जहां हर एक तल पर पांच से ज्यादा परिवार रहते हैं। लेकिन उन तक पहुंचने का रास्ता सिर्फ 5-7 मीटर चौड़ा है। सिर्फ एक ही तरफ से गेट है, बाकी जगह ब्लॉक हैं। ऐसे में यदि आगजनी की घटना हुई और अग्निशमन का वाहन वहां पहुंचता है तो वह वापस लौट भी नहीं सकता है, बल्की उसी रास्ते से वापस लौटना पड़ेगा।

ममूरा में एक ही बिल्डिंग में होटल-पीजी :
विश्वकर्मा मार्ग से ममूरा के अंदर सिर्फ 100 मीटर की दूर पर प्रवेश करते ही सैकड़ों ऐसे पीजी हैं जहां पहुंचने के लिए सकरे रास्ते पर गुजरना पड़ता है। आलम यह है कि एक ही बिल्डिंग में होटल संचालित किया जा रहा है और उसी बिल्डिंग में ही पेइंग गेस्ट (पीजी) संचालित हो रहा है। ऐसे में युवक युवतियों की सुरक्षा भगवान भरोसे बनी हुई है। ऐसे कई पीजी हैं वहां चार पहिया वाहन तो दूर दो पहिया वाहन भी अगर दो गुजर जाएं तो जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाए।
गली में पांच से ज्यादा पीजी के सिंगल गेट : नवादा इलाके में एक गली ऐसी भी दिखी जो सिर्फ 30 मीटर लंबी और 3 मीटर चौड़ी है। एक तरफ से गली बंद है। उसी गली में ही पांच पीजी के सिंगल गेट खुले हैं। ऐसे में यदि आगजनी की घटना होती है तो एक पीजी के साथ साथ अन्य पीजी भी आग की चपेट में आ जाएंगे, जिन्हें बचाने का कोई रास्ता न मिलेगा।
क्या हैं पंजीकरण के नियम : बता दें, पर्यटन विभाग के अनुसार, सरकार ने पीजी (पेइंग गेस्ट) का पंजीकरण समाप्त कर दिया है। जितने भी संचालित हो रहे हैं वह अवैध हैं। हालांकि सरकार अब होम स्टे और बीएनबी का पंजीकरण कर रही है। लेकिन उसमें भी छह से ज्यादा कमरे नहीं हो सकते हैं, मकान मालिक को उसी घर में रहना होगा। पंजीकरण अनिवार्य है। छह से ज्यादा कमरे होने पर बिल्डिंग को सर्टिफिकेट नहीं दिया जाता है। अवैध निर्माण पर स्थानीय प्रशासन नोटिस जारी कर कार्रवाई कर सकता है। इसके अलावा फायर की एनओसी की जिम्मेदारी स्थानीय मुख्य अग्निशमन अधिकारी की है।
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पीजी का पंजीकरण बंद हो चुका है, होम स्टे और बीएनबी का संचालन किया जा सकता है। नोएडा में सिर्फ 2-3 अभी पंजीकृत किए गए हैं, मानकों तहत छह से अधिक कमरे नहीं होने चाहिए। -दीपिका, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी, मेरठ मंडल

नोएडा । सेक्टर 104 में गली गली में बने पीजी । संवाद

नोएडा । सेक्टर 104 में गली गली में बने पीजी । संवाद

नोएडा । सेक्टर 104 में गली गली में बने पीजी । संवाद

नोएडा । सेक्टर 104 में गली गली में बने पीजी । संवाद

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