खुदे पड़े प्लॉट और तीव्र मोड़ पर सुरक्षा बंदोबस्त करवाए प्राधिकरण
-सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की डूबकर मौत की जांच में एसआईटी की सिफारिश
-शासन ने नोएडा प्राधिकरण को 12 से ज्यादा विंदुओं पर निर्देश जारी किए, प्लॉट आवंटी की जिम्मेदारी भी तय करने के लिए कहा गया
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-150 में पानी में डूबकर कार सवार सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत पर एसआईटी जांच के बाद सुरक्षा बंदोबस्त दुरुस्त कराने के निर्देश नोएडा प्राधिकरण को जारी हुए हैं। हादसा 16 जनवरी की रात खोदाई कर छोड़े गए प्लॉट में भरे पानी में हुआ था। शासन स्तर से 12 से ज्यादा बिंदुओं पर निर्देश दिए गए हैं और वीडियो काॅन्फ्रेसिंग के जरिए प्राधिकरण को इसके लिए सचेत भी किया गया है। प्राधिकरण को दिए गए निर्देश में मुख्य रूप से यह कहा गया है कि वह प्लॉट जिनकी खोदाई हुई है या हो रही है उनके आसपास सुरक्षा इंतजाम में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। वहीं सड़क में जो तीव्र मोड़ हैं उन पर सड़क सुरक्षा से जुड़े बंदोबस्त करवाए जाएं।
जांच करने वाली एसआईटी ने सड़क सुरक्षा के बंदोबस्त शहर में प्राधिकरण से पुख्ता करवाए जाने की सिफारिश अपनी रिपोर्ट में की है। शासन स्तर से प्राधिकरण को दिए गए निर्देशों में यह कहा गया है कि अधिकतर वाणिज्यिक उपयोग के प्लॉट में बेसमेंट की खोदाई होती है। इसलिए प्लॉट आवंटन के समय ही सुरक्षा शर्तों को सख्त बनाते हुए आवंटी की जिम्मेदारी तय कर दी जाए। फिर जो सुरक्षा मानक हों उनका पालन सुनिश्चित करवाया जाए। अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही हो रही है तो तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए।
हादसे के बाद लग गया बोर्ड, क्रैश बैरियर भी: युवराज की मौत के बाद मौके पर जांच को पहुंची एसआईटी को सड़क सुरक्षा का अंधेरा मिला था। डिवाइडर पर सफेद पेंट की पुताई नहीं थी। न ही तीव्र मोड़ का संकेतक बोर्ड, रेडियम ब्लिंकर लगे हुए थे। पहले प्राधिकरण के तत्कालीन सीईओ डॉ लोकेश एम ने ट्रैफिक सेल के एक जूनियर इंजीनियर की सेवा इस लापरवाही पर समाप्त कर दी थी। फिर शासन स्तर से सीईओ को हटा दिया गया था। इसके बाद ट्रैफिक सेल के प्रभारी वरिष्ठ प्रबंधक विश्वास त्यागी को भी उनके पदभार से हटा दिया गया था। अब मौके पर बोर्ड, क्रैश बैरियर लग गए हैं। भरा हुआ पानी प्राधिकरण निकलवा रहा है।