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Noida News: आरक्षित डिब्बे में भी असुरक्षित सफर, महिला कोच में बढ़ी दहशत

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आरक्षित कोच में भी सुरक्षित नहीं महिला यात्री, पुरुष करते है यात्रा
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-दादरी रेलवे स्टेशन पर यात्री ट्रेनों का हाल, भारी संख्या में पुरुष यात्रियों मिले मौजूद



संवाद न्यूज एजेंसी

ग्रेटर नोएडा। दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर चलने वाली लोकल यात्री ट्रेनों में महिला यात्रियों को आरक्षित कोच में भी सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा नहीं मिल पा रही है। महिला कोच आरक्षित होने के बावजूद इनमें बड़ी संख्या में पुरुष यात्री सवार रहते हैं। कई बार महिलाओं के साथ अभद्रता की घटनाएं भी सामने आती हैं। शिकायतों के बावजूद महिला कोच में पुरुष यात्रियों की आवाजाही रोकने में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) प्रभावी साबित नहीं हो रहा है। शनिवार को इस स्थिति का जायजा लेने के लिए अमर उजाला के लिए संवाद न्यूज एजेंसी से राजेश भाटी और ऋषिपाल सिंह ने दादरी रेलवे स्टेशन पर पड़ताल की। प्रस्तुत हैं प्रमुख अंश-



स्थान - दादरी रेलवे स्टेशन, प्लेटफॉर्म नंबर-4
समय- सुबह 8:00 बजे



दनकौर से दिल्ली जा रही लोकल पैसेंजर ट्रेन स्टेशन पर पहुंची। ट्रेन में तीन महिला कोच लगे थे। ट्रेन रुकते ही महिला कोचों में महिलाओं के साथ बड़ी संख्या में पुरुष यात्री भी सवार हो गए। कई पुरुष यात्री ट्रेन चलने के बाद दरवाजों पर खड़े दिखाई दिए, जबकि कुछ सीटों पर बैठ गए। इससे महिला यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
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समय- सुबह 8:15 बजे



अलीगढ़ से दिल्ली आ रही ईएमयू ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर पहुंची। ट्रेन रुकने के साथ ही यात्री चढ़ने लगे। महिला कोच में पहले से ही करीब 25 प्रतिशत पुरुष यात्री मौजूद थे। कई महिला यात्री खड़ी थीं, जबकि पुरुष यात्री आराम से सीटों पर बैठे हुए थे।



समय- सुबह 8:30 बजे



अलीगढ़ से दिल्ली जा रही एक अन्य ईएमयू ट्रेन के आने से पहले आरपीएफ के सात-आठ जवान महिला कोच रुकने वाले स्थान पर पहुंच गए। वहां पहले से मौजूद पुरुष यात्रियों को हटाया गया। ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचते ही जवानों ने महिला कोचों को घेर लिया और उनमें सवार पुरुष यात्रियों को उतारना शुरू किया। महिला कोच से करीब 12 पुरुष यात्रियों को पकड़ा गया। आरपीएफ ने इनमें से पांच यात्रियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की।







-दादरी स्टेशन पर यात्रियों के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। महिला कोच में पुरुष यात्री आसानी से सवार हो जाते हैं। उन्हें रोकने वाला कोई नहीं होता, जिससे महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं। -उमाशंकर, यात्री



महिला कोच में कई बार असामाजिक तत्व भी सवार हो जाते हैं, जो महिलाओं से अभद्रता करते हैं। विरोध करने पर झगड़ा और मारपीट तक की नौबत आ जाती है। -बाल किशन, यात्री
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-दादरी स्टेशन से हर रोज बड़ी संख्या में पुरुष यात्री महिला कोच में चढ़ते हैं। इस दौरान आरपीएफ का कोई जवान दिखाई नहीं देता। -तेजिंदर पाल सिंह, यात्री




शनिवार को अलीगढ़ से दिल्ली जा रही ईएमयू ट्रेन में जांच अभियान चलाकर महिला कोच से पांच पुरुष यात्रियों को पकड़ा गया। महिला कोच में अनधिकृत रूप से यात्रा करने वालों के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है। -जितेंद्र कुमार, प्रभारी निरीक्षक, आरपीएफ दादरी
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